भुवनेश्वर , जुलाई 29 -- ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बुधवार को लोगों को आश्वासन दिया कि राज्य सरकार बाढ़ की स्थिति पर कड़ी नजर रख रही है और प्रभावित जिलों में जान-माल की सुरक्षा के लिए पूरे प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

श्री माझी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में लोगों से अपील की कि वे बाढ़ की स्थिति से न घबरायें। उन्होंने कहा कि उन्होंने मुख्य सचिव और विशेष राहत आयुक्त के साथ बाढ़ की स्थिति तथा तैयारियों के उपायों की समीक्षा की है। उन्होंने कहा, "मैंने पूरे प्रशासन को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चत करने का निर्देश दिया है।"मुख्यमंत्री ने कहा कि बालासोर, भद्रक और जाजपुर जिलों में बाढ़ प्रबंधन, लोगों को सुरक्षित निकालने और राहत कार्यों की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करने के लिए तीन वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को स्वतंत्र जिम्मेदारी सौंपी गयी है। उन्होंने कहा कि विशेष राहत आयुक्त के कार्यालय और राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र को नदियों के जलस्तर और बाढ़ की बदलती स्थिति की लगातार निगरानी के लिए चौबीसों घंटे काम करने का निर्देश दिया गया है।

श्री माझी ने कहा कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओड्राफ), अग्निशमन सेवा और पुलिस को पूरी तरह से अलर्ट पर रखा गया है। आवश्यकता पड़ने पर वे संवेदनशील निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। प्रभावित लोगों और उनके पशुओं के कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए सभी राहत शिविरों में सुरक्षित पेयजल, पका हुआ भोजन, आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं, सांप के जहर की दवा और मवेशियों के लिए पर्याप्त चारे की व्यवस्था की गयी है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राहत केंद्रों में स्थानांतरित किये गये निवासियों के घरों और संपत्ति की सुरक्षा के लिए पुलिस ने गश्त बढ़ा दी है।जिन लोगों के घर और कृषि भूमि बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, उनके नुकसान का त्वरित आकलन करने और समय पर मुआवजा देने का निर्देश अधिकारियों को दिया गया है।

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