हैदराबाद , अप्रैल 23 -- मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की तेलंगाना राज्य समिति ने सरकार से मांग की है कि मार्कफेड के माध्यम से मक्का और धान की निर्बाध खरीद सुनिश्चित की जाए और केंद्र सरकार पर फसल खरीद की सीमा हटाने के लिए दबाव बनाया जाए।

एक बयान में राज्य सचिव जॉन वेस्ले ने कहा कि प्रति एकड़ 26 क्विंटल खरीद की केंद्र सरकार की सीमा को वापस लिया जाना चाहिए और किसानों की पूरी उपज न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदी जानी चाहिए। उन्होंने उल्लेख किया कि यासांगी (रबी) सीजन के दौरान लगभग 11 लाख एकड़ में मक्का और 60-70 लाख एकड़ में धान की खेती की गई। किसानों के प्रति एकड़ 40,000 रुपये से अधिक का निवेश करने और 45-50 क्विंटल प्रति एकड़ की पैदावार हासिल करने के बावजूद, खरीद सीमा के कारण उपज का एक बड़ा हिस्सा बिना बिका रह गया है।

श्री वेस्ले ने आरोप लगाया कि बिचौलियों और मिल मालिकों के शोषण के कारण किसान को मक्के के लिए निर्धारित 2,400 रुपये प्रति क्विंटल का एमएसपी नहीं मिल पा रहा है और उन्हें 1,600 से 1,800 रुपये प्रति क्विंटल पर फसल बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि घोषणाओं के बावजूद, जमीन पर पर्याप्त धान खरीद केंद्र प्रभावी ढंग से काम नहीं कर रहे हैं।

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