नयी दिल्ली , सितंबर 09 -- मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) पर केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के खिलाफ 'राजनीतिक बदले की भावना' से काम करने का आरोप लगाया और दावा किया कि केंद्रीय एजेंसी एक ऐसे मामले को फिर से जीवित करने की कोशिश कर रही है, जिसे तीन अदालतें पहले ही खारिज कर चुकी हैं।

माकपा महासचिव एमए बेबी ने 'एक्स' पर कहा कि ईडी एक ऐसे मामले में केरल पुलिस से श्री विजयन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की कोशिश कर रही है, जिसकी जांच सतर्कता अदालत, केरल उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय पहले ही कर चुके हैं और इसे खारिज भी कर चुके हैं।

श्री बेबी ने कहा, "अगर प्रवर्तन निदेशालय सोचता है कि वे माकपा को डरा सकते हैं या कामरेड पिनराई विजयन को घेर सकते हैं तो यह उनकी बहुत बड़ी भूल है। वे कामरेड विजयन के खिलाफ उसी मामले में केरल पुलिस से प्राथमिकी दर्ज कराने का प्रयास कर रहे हैं, जिसे देश की तीन अदालतें- सतर्कता न्यायालय, उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय पहले ही खारिज कर चुकी हैं। वह भी केरल के एक कांग्रेस विधायक के दायर याचिका की जांच के बाद!"उन्होंने आरोप लगाया कि नरेन्द्र मोदी सरकार राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए केंद्रीय जांच एजेंसियों, खासकर ईडी का दुरुपयोग कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अब अपने राजनीतिक हितों को आगे बढ़ाने के लिए केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार का सहयोग हासिल करने की कोशिश कर रही है।

श्री बेबी ने कहा, "यह बात सभी जानते हैं कि मोदी सरकार अपने अधीन काम करने वाली एजेंसियों, मुख्य रूप से ईडी का इस्तेमाल राजनीतिक बदले की भावना से कर रही है। अब भाजपा केरल में कांग्रेस नीत यूडीएफ सरकार से अपनी बात मनवाने की उम्मीद कर रही है। केरल प्रदेश कांग्रेस (केपीसीसी) अध्यक्ष ने पहले ही अपनी सहमति के संकेत दे दिये हैं।"माकपा नेता ने यह भी दावा किया कि ये घटनाक्रम राज्य में विभिन्न राजनीतिक ताकतों के बीच एक बड़े राजनीतिक गठजोड़ की ओर इशारा कर रहे हैं।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित