कन्नूर , मार्च 16 -- केरल में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता टी.के. गोविंदन ने पार्टी के साथ अपने करीब छह दशक पुराने संबंधों को खत्म करते हुए आगामी विधानसभा चुनाव में कन्नुर जिले के तलिपरम्बा निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने की घोषणा की है।
वामपंथ का गढ़ माने जाने वाले कन्नूर में यह पहली बार है जब माकपा को जिले में शीर्ष नेतृत्व पदों पर रहे लोगों की ओर से इतने कड़े विरोध का सामना करना पड़ रहा है। श्री गोविंदन जिले के दूसरे ऐसे वरिष्ठ नेता हैं जिन्होंने पार्टी में तानाशाही प्रवृत्तियों के खिलाफ खुलकर अपना आक्रोश व्यक्त किया है। उनसे पहले विसलब्लोअर वी. कुन्हीकृष्णन ने पय्यानूर के मौजूदा विधायक टी.आई. मधुसूदनन पर पार्टी फंड के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाए थे।
श्री गोविंदन ने कन्नूर प्रेस क्लब में संवाददाता सम्मेलन में तलिपरम्बा सीट से माकपा प्रदेश सचिव की पत्नी पी.के. श्यामला को मैदान में उतारने के लिए पार्टी नेतृत्व की तीखी आलोचना की। ज्ञात हो कि इस निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व निवर्तमान विधानसभा में स्वयं पार्टी सचिव ने किया है। उन्होंने कहा कि जिला पार्टी सचिवालय, जिला समिति और निर्वाचन क्षेत्र स्तर की समितियों में उनके सहित कई सदस्यों द्वारा सुश्री श्यामला की उम्मीदवारी पर आपत्ति जताई गई थी, लेकिन सभी विरोधों को दरकिनार करते हुए राज्य नेतृत्व को केवल उनका ही नाम भेजा गया।
पिछले 60 वर्षों से पार्टी से जुड़े और श्रीकंडापुरम इकाई के एरिया सचिव के रूप में 25 वर्षों तक सेवा देने वाले श्री गोविंदन ने राज्य सचिव पर भाई-भतीजावाद का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि तीन बार विधायक रहने के बाद अपनी ही पत्नी को उत्तराधिकारी के रूप में उतारने का निर्णय नैतिक राजनीति के सिद्धांतों के खिलाफ है।
श्री गोविंदन ने कहा, "पार्टी के भीतर चर्चा के माध्यम से इस गलती को सुधारने में विफल रहने के बाद मैंने अंतिम उपाय के रूप में पार्टी छोड़ी है। मुझे पता है कि अनुशासनहीनता के नाम पर पार्टी कल मुझे निष्कासित कर देगी।"पूर्व माकपा नेता ने बताया कि उन्होंने इस मुद्दे पर जिले के वरिष्ठ नेताओं ई.पी. जयराजन, एम.वी. जयराजन, पी. जयराजन और के.पी. सहदेवन से भी चर्चा की थी। हालांकि किसी ने श्रीमती श्यामला के खिलाफ उनके रुख का खुले तौर पर विरोध नहीं किया, लेकिन उन्हें पार्टी छोड़ने या विपक्ष के साथ जाने जैसा कड़ा कदम न उठाने की सलाह दी।
श्री गोविंदन ने कहा कि वह सांप्रदायिक दलों को छोड़कर संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा(यूडीएफ) सहित सभी राजनीतिक दलों का समर्थन लेने के लिए तैयार हैं। उन्होंने दावा किया कि मलपट्टम और तलिपरम्बा में माकपा के कई कार्यकर्ता उनका समर्थन कर रहे हैं और नेतृत्व को सबक सिखाने के लिए उनके पक्ष में मतदान करेंगे।
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