नयी दिल्ली , फरवरी 14 -- मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने चुनाव आयोग से मतदाता सूची के विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया को मनमाना और भेदभावपूर्ण करार देते हुए इसे तत्काल रद्द करने की मांग है।
माकपा महासचिव एम ए बेबी ने चुनाव आयोग को सौंपो एक ज्ञापन में एसआईआर प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग करते हुए कहा है कि उसकी इस मनमानी से सब कुछ अस्त-व्यस्त हो गया है और बड़े स्तर पर लोगों के अधिकारों का हनन किया जा रहा है।
श्री बेबी ने मतदाता सूची के आवधिक संशोधन को 'एक नियमित और आवश्यक लोकतांत्रिक प्रक्रिया' बताया लेकिन कहा कि आयोग एसआईआर के नाम पर जिस तरह की मनमानी कर रहा है उससे यह संवैधानिक सिद्धांतों से पूरी तरह भटकी हुई प्रक्रिया बनकर रह गया है। इस प्रक्रिया के कारण बड़ी संख्या में मतदताओं को अपने अधिकारों से वंचित होना पड़ रहा है। यह प्रक्रिया लोगों में असंतोष का कारण और उनके मौलिक अधिकारों के हनन के लिए भी खतरा बन रही है।
उन्होंने कहा कि इसमें सबसे बडी दिक्कत यह है कि इस प्रक्रिया को चुनाव वाले राज्यों में चुनाव से कुछ समय पहले ही शुरु किया जा रहा है जिसके कारण इस प्रक्रिया में बड़े स्तर पर गलतियां होने की संभावनाएं बन रही हैं। लोग बहुत बड़ी संख्या में अपने संवैधानिक अधिकारों से वंचित हो रहे हैं।
माकपा नेता ने ज्ञापन में कहा है कि इस प्र्क्रिया को लेकर जगह जगह तनाव की स्थिति पैदा हो रही है। इस प्रक्रिया में लगे बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) पर काम का दबाव पड़ने और कई जगह आत्महत्या की खबरें भी आ रही हैं। विशेष रूप से पश्चिम बंगाल में, मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के डर से आत्महत्या की घटनाएं हो रही हैं।
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