धार , फरवरी 19 -- मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल की परीक्षाओं में लागू माइनस मार्किंग प्रणाली के विरोध में आदिवासी छात्र संगठन मध्यप्रदेश के नेतृत्व में विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों ने आज धार जिला मुख्यालय में लगभग डेढ़ किलोमीटर पैदल मार्च कर कलेक्टर प्रियंक मिश्रा को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन मुख्यमंत्री मोहन यादव के नाम प्रेषित किया गया।
संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश डामोर ने बताया कि वर्तमान में मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल द्वारा आयोजित विभिन्न भर्ती एवं प्रतियोगी परीक्षाओं में नकारात्मक अंकन (माइनस मार्किंग) प्रणाली लागू की गई है, जिससे प्रदेश के लाखों परिश्रमी एवं योग्य अभ्यर्थियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था विद्यार्थियों के मानसिक संतुलन, आत्मविश्वास और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा की भावना को प्रभावित कर रही है।
संगठन का कहना है कि ग्रामीण, आदिवासी, आर्थिक रूप से कमजोर और पिछड़े वर्ग के विद्यार्थी इस प्रणाली से अधिक प्रभावित हो रहे हैं। सीमित संसाधनों और मार्गदर्शन के अभाव में तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों पर माइनस मार्किंग अतिरिक्त मानसिक दबाव बनाती है, जो समान अवसर की भावना के विपरीत है।
ज्ञापन में प्रमुख मांगों में सभी भर्ती एवं प्रतियोगी परीक्षाओं से माइनस मार्किंग को तत्काल समाप्त करने, पहले से लागू परीक्षाओं में पुनर्विचार कर राहत देने, गरीब और आदिवासी विद्यार्थियों के हित में निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली लागू करने, नियमों में बदलाव से पहले अभ्यर्थियों और विशेषज्ञों से परामर्श लेने तथा शासन द्वारा स्पष्ट आदेश जारी कर अभ्यर्थियों को आश्वस्त करने की मांग शामिल है।
संगठन पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेशभर में विद्यार्थियों के साथ शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान जिला अध्यक्ष रोहित बडुकीया, पूर्व जिला उपाध्यक्ष राकेश अखाडिया, विजय बामनिया सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
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