जौनपुर , मार्च 19 -- वासंतिक चैत्र नवरात्र के प्रथम दिवस पर गुरुवार को जौनपुर स्थित शीतला चौकिया धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। आस्था का प्रमुख केंद्र माने जाने वाले इस मंदिर में दूर-दराज से भक्त माता के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
मान्यता है कि शीतला चौकिया धाम में दर्शन किए बिना विंध्याचल धाम की यात्रा पूर्ण नहीं मानी जाती। यही कारण है कि पूर्वांचल सहित दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों से भी श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं। नवरात्र के अवसर पर मंदिर परिसर में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। श्रद्धालु अपनी मनोकामनाओं के साथ माता के दरबार में पहुंच रहे हैं। यहां बच्चों के मुंडन संस्कार कराने की भी विशेष परंपरा है, जिसके लिए दूर-दूर से लोग आते हैं।
पौराणिक मान्यता के अनुसार मंदिर के समीप स्थित सरोवर में स्नान करने से त्वचा रोगों से मुक्ति मिलती है। भक्त माता के दरबार में कढ़ाई चढ़ाकर अपनी श्रद्धा प्रकट करते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होने की कामना करते हैं।
मंदिर के पुजारी विवेकानंद ने बताया कि नवरात्रि के दौरान पूजा-अर्चना का विशेष महत्व है। उनका कहना है कि मां शीतला के दर्शन के बिना श्रद्धालु अपनी भक्ति को पूर्ण नहीं मानते। ऐसी मान्यता है कि नवदुर्गा में मां शीतला को सबसे छोटी बहन के रूप में पूजा जाता है।
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