महोबा , फरवरी 22 -- उत्तर प्रदेश में महोबा जिले के श्रीनगर क्षेत्र अंतर्गत सिजहरी गांव में शव दफनाने को लेकर उपजे विवाद के बाद पुलिस ने रविवार को भाजपा के एक बड़े नेता सहित 17 ग्रामीणों के खिलाफ शांति भंग की कार्रवाई की है।

पुलिस उपाधीक्षक ए.के. सिंह ने बताया कि हल्का इंचार्ज हरचरण गौतम की रिपोर्ट के आधार पर सिजहरी ग्राम प्रधान एवं भाजपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष नरेश राजपूत सहित अन्य नामित ग्रामीणों को विवाद उत्पन्न करने का दोषी मानते हुए बीएनएस की धारा 126/135 के तहत चालान किया गया है। हालांकि ग्रामीणों ने इस कार्रवाई को गलत बताते हुए उपनिरीक्षक की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं।

ज्ञातव्य है कि सिजहरी गांव में शुक्रवार को बीमारी से मृत 32 वर्षीय मुस्लिम महिला मदीना के शव को दफनाने के बाद विवाद शुरू हो गया था। ग्रामीणों के एक पक्ष ने संबंधित भूमि को सरकारी खेल मैदान बताते हुए शव को वहां से हटाकर निर्धारित कब्रिस्तान में दफनाने की मांग की थी। मामले में विश्व हिंदू परिषद और हिंदू जागरण मंच द्वारा सिजहरी कूच का ऐलान किए जाने से स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया था।

पुलिस उपाधीक्षक ने बताया कि उपजिलाधिकारी शिव ध्यान पांडेय की मौजूदगी में विवाद सुलझाने के लिए राजस्व कर्मियों से भूखंड की पैमाइश कराई गई, जिसमें संबंधित भूमि को सरकारी पाया गया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच सुलह-समझौता कराकर विवाद का निपटारा कराया गया।

हालांकि हल्का इंचार्ज द्वारा ग्राम प्रधान समेत अन्य ग्रामीणों पर शांति भंग की कार्रवाई किए जाने से गांव में नया विवाद खड़ा हो गया है, जिसे सुलझाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

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