महोबा , अक्टूबर 20 -- उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में मंगलवार को बारिश के चलते कमजोर एक कच्चे मकान की छत ढह जाने से मलबे के नीचे दबकर एक बच्ची की मौत हो गई, जबकि उसके माता-पिता और दो भाई-बहन घायल हो गए। पुलिस उप अधीक्षक दीपक दुबे ने बताया क़ी हादसा चरखारी कोतवाली क्षेत्र के गुड़ा गांव में हुआ। गांव का निवासी गंगाराम अनुरागी दिल्ली में मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। बरसात के दिनों में वह परिवार के साथ गांव आए हुए थे। परिवार में गंगाराम, उनकी मां प्रेमरानी, पत्नी उमा देवी, बेटी श्वेता (14), बेटा शिवम (7) और बेटी बबली (10) हैं। परिवार कच्चे मकान में रहता था, जिसमें केवल एक कमरा था।
उन्होने बताया कि सोमवार क़ी रात परिवार के सदस्य गांव में नवरात्रि महोत्सव के देवी पंडाल में दर्शन करने के बाद अपने कच्चे मकान में सोने चले गए। सुबह अचानक मकान की छत ढह गई और परिवार के सभी सदस्य मलबे में दब गए। पीड़ितों क़ी चीख-पुकार सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीण ब्रजेंद्र सिंह राजपूत ने अन्य ग्रामीणों के साथ मिलकर बचाव कार्य शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद सभी पांच सदस्यों को मलबे से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक बबली की मौत हो चुकी थी। घटना मे अन्य चार सदस्यों को चोटें आई हैं।
हादसे के बाद परिवार ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिलने को लेकर अपनी पीड़ा बयां की। मृत बच्ची की दादी प्रेमरानी का आरोप है कि परिवार लंबे समय से कच्चे मकान में रहने को मजबूर है। वर्ष 2020 में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास के लिए ग्राम प्रधान को नाम दिया गया था। उस समय सर्वे भी हुआ, लेकिन परिवार को आवास नहीं मिला। दादी के मुताबिक, करीब छह महीने पहले भी उनका नाम आवास के लिए आगे भेजा गया था, लेकिन अब तक कोई लाभ नहीं मिला।इस परिवार का मकान खपरैल और पत्तियों से बना था। बारिश के दौरान परिवार इसी जर्जर मकान में गुजर-बसर कर रहा था। हादसे ने गरीब परिवार की मुश्किलों को और बढ़ा दिया है।
घटना की सूचना मिलने पर चरखारी के नायब तहसीलदार मुकुल कुमार लेखपाल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। अधिकारियों ने परिवार को आवास योजना का लाभ मिलने की स्थिति की जानकारी जुटाने की बात कही। मामले में आवास संबंधी अभिलेखों और पात्रता की जांच की जा रही है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित