महोबा , अक्टूबर 14 -- उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में भारतीय स्टेट बैंक की कुलपहाड़ शाखा के अधिकारियों पर एक किसान के खाते में जमा 1.80 लाख रुपये में से अधिकांश राशि गायब होने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ित किसान की शिकायत पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद कुलपहाड़ कोतवाली पुलिस ने शाखा प्रबंधक नीरज सिंह और पूर्व फील्ड ऑफिसर यतेंद्र सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस उप अधीक्षक अनिरुद्ध सिंह ने बताया क़ी कोतवाली क्षेत्र के मोहारी लाडपुर गांव निवासी किसान मातादीन का भारतीय स्टेट बैंक की कुलपहाड़ शाखा में ग्रीन कार्ड खाता है। किसान का आरोप है कि उसने खाते में दो बार रकम जमा की थी जिसमे एक बार 35 हजार रुपये और दूसरी बार एक लाख 45 हजार रुपये जमा किए गए थे। इस तरह उसके द्वारा कुल 1 लाख 80 हजार रुपये जमा करने का दावा किया गया है। किसान के पास दोनों जमा पर्चियां सुरक्षित होने की बात भी सामने आई है।
मातादीन के अनुसार, जब उन्होंने खाते का स्टेटमेंट निकलवाया तो उसमें कुल जमा राशि के मुकाबले केवल 10 हजार रुपये ही दर्ज मिले। शेष एक लाख 70 हजार रुपये का हिसाब खाते में नहीं दिखाई दिया। किसान ने बैंक अधिकारियों से मामले की जानकारी मांगी लेकिन उसे संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद उसने पुलिस और पुलिस अधीक्षक से भी न्याय की गुहार लगाई। लेकिन वहां भी सुनवाई नहीं होने पर किसान ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत का दरवाजा खटखटाया।
पुलिस उप अधीक्षक ने बताया क़ी न्यायालय के आदेश के बाद कुलपहाड़ कोतवाली पुलिस ने शाखा प्रबंधक नीरज सिंह और पूर्व फील्ड ऑफिसर यतेंद्र सिंह के खिलाफ बीएनएस की धारा 316(4) और 3(5) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, मामले की जांच शुरू कर दी गई है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल किसान के खाते में जमा रकम और बैंक रिकॉर्ड में दर्ज राशि के बीच कथित अंतर ने मामले को गंभीर बना दिया है। अब पुलिस जांच में जमा पर्चियों, बैंक स्टेटमेंट और अन्य संबंधित अभिलेखों की पड़ताल के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि रकम का अंतर किन परिस्थितियों में आया।
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