जयपुर , मई 07 -- राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जल जीवन मिशन (जेजेएम) घोटाले मामले में पूर्व मंत्री महेश जोशी की गिरफ्तारी को अनैतिक और दुर्भावनापूर्ण ढंग से की गई गिरफ्तारी करार देते हुए इसकी भर्त्सना की है।
श्री गहलोत ने गुरुवार को अपने बयान में कहा कि पूर्व मंत्री महेश जोशी की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो( एसीबी) द्वारा गिरफ्तारी कानून के स्पष्ट दिशा-निर्देशों का उल्लंघन भी है। उन्होंने कहा कि जब नियम है कि पहले नोटिस देकर पूछताछ की जानी चाहिए। उसके बाद ही आवश्यकता होने पर गिरफ्तारी का अधिकार है, तब बिना किसी नोटिस या पूछताछ के सुबह पांच बजे सीधे गिरफ्तारी करना सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
उन्होंने कहा "मेरा हमेशा से ही मानना रहा है कि यदि किसी ने भ्रष्टाचार किया है तो उसे सजा मिलना सुनिश्चित होना चाहिए। पूरा प्रदेश जानता है कि राजस्थान में गांव-ढाणी से लेकर राजधानी तक भाजपा सरकार आकंठ भ्रष्टाचार में डूबी हुई है और प्रदेश की जनता पूरी तरह से परेशान हो चुकी है। मेरा स्पष्ट आरोप है कि एसीबी पर वास्तविक मामलों में कार्रवाई न करने और राजनीतिक आधार पर कार्रवाई करने का दबाव है। आज महेश जोशी पर की गई कार्रवाई इसी का उदाहरण है।"उन्होंने कहा कि महेश जोशी ने ईडी की कार्रवाई के दौरान भी पूरा सहयोग दिया था। उनकी पत्नी के गंभीर बीमार होने के बावजूद वे नोटिस मिलने पर ईडी की पूछताछ के लिए गए। उन्होंने हमेशा सरकारी एजेंसियों को पूरा सहयोग दिया है। ऐसे में एसीबी द्वारा बिना किसी पूछताछ के गिरफ्तारी केवल और केवल राजनीति से प्रेरित है।
श्री गहलोत ने कहा कि भाजपा सरकार कानूनी प्रक्रिया के उल्लंघन का एक नया तरीका अपना रही है। यह राजनीतिक दुर्भावना और सत्ता के दबाव में उठाया गया कदम है। हमें पूर्ण विश्वास है कि न्यायपालिका के समक्ष इस राजनीतिक प्रतिशोध का पर्दाफाश होगा।
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