बैतूल , सितंबर 24 -- मध्यप्रदेश के चिचोली थाना क्षेत्र के सिंगरई खापा गांव में महुआ बीनने को लेकर हुए विवाद में एक व्यक्ति की मौत के मामले में जिला न्यायालय ने आरोपी राकेश धुर्वे को सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। जिला न्यायाधीश दिनेश चंद्र थपलियाल ने दोनों पक्षों की दलीलें और प्रस्तुत साक्ष्यों पर विचार करने के बाद यह फैसला सुनाया। आरोपी राकेश धुर्वे 5 अप्रैल से जेल में बंद है।
सरकारी अधिवक्ता नितिन मिश्रा के अनुसार घटना 3 अप्रैल की सुबह करीब 9 बजे की है। शिकायतकर्ता लक्ष्मी धुर्वे के खेत की मेड़ पर उनके पति खुड्डा धुर्वे महुआ के पेड़ के नीचे महुआ बीन रहे थे। इसी दौरान पड़ोसी खेत मालिक राकेश धुर्वे वहां पहुंचा और महुआ बीनने को लेकर खुड्डा से गाली-गलौज करने लगा।
अभियोजन के अनुसार खुड्डा द्वारा विरोध करने पर राकेश ने उनके साथ मुक्कों और लकड़ी के डंडे से मारपीट की। आरोप है कि राकेश ने दोबारा पेड़ के नीचे महुआ बीनने पर जान से मारने की धमकी भी दी थी। मारपीट में खुड्डा के हाथ, पैर और पीठ पर चोटें आई थीं।
परिजन घायल खुड्डा को उपचार के लिए पहले घर ले गए। बाद में उनकी हालत को देखते हुए उन्हें चिचोली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
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