पटना , मई 16 -- पंचायती राज विभाग की ओर से संचालित "महिला हितैषी ग्राम पंचायत" पहल ग्रामीण बिहार में सामाजिक परिवर्तन की एक प्रभावशाली मिसाल बनकर उभर रही है।
सेंटर फॉर कैटलाईजिंग चेंज (सी थ्री) के तकनीकी सहयोग से संचालित यह पहल पंचायतों को महिलाओं एवं किशोरियों के लिए अधिक सुरक्षित, समावेशी, संवेदनशील एवं जवाबदेह बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। यह पहल केवल बुनियादी सुविधाओं के विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं एवं किशोरियों को पंचायत स्तर पर नेतृत्व, निर्णय प्रक्रिया एवं अधिकार आधारित विकास से जोड़ने का व्यापक अभियान बनती जा रही है।
पंचायती राज विभाग के मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि "महिला हितैषी ग्राम पंचायत" पहल ग्रामीण शासन व्यवस्था में महिलाओं एवं किशोरियों की भागीदारी को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं दूरगामी पहल है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतें केवल विकास योजनाओं के क्रियान्वयन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन एवं समानता आधारित समाज निर्माण की सबसे मजबूत इकाई भी हैं। इस पहल के माध्यम से पंचायत स्तर पर महिलाओं को सुरक्षित वातावरण, संवाद का मंच, नेतृत्व के अवसर तथा संस्थागत सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे वे स्थानीय निर्णय प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं।
मंत्री श्री प्रकाश ने कहा कि बाल विवाह रोकथाम, माहवारी स्वच्छता, शिक्षा, पोषण, सामाजिक सुरक्षा एवं महिलाओं के विरुद्ध हिंसा जैसे विषयों पर पंचायतों की सक्रिय भागीदारी ग्रामीण समाज में सकारात्मक बदलाव ला रही है।उन्होंने बताया कि पंचायतों में सोलर स्ट्रीट लाइट, महिला शौचालय, गरिमा कक्ष, सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन एवं ब्रेस्टफीडिंग रूम जैसी सुविधाओं का विकास महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा एवं सुविधा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पंचायतों को अधिक संवेदनशील, समावेशी एवं जवाबदेह बनाकर ग्रामीण बिहार में महिलाओं और किशोरियों के लिए सम्मानजनक एवं सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जा सकेगा।
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