बैतूल , जुलाई 10 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में महिला स्व-सहायता समूहों की आय बढ़ाने और स्थानीय कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन के लिए क्लस्टर स्तर पर आलू प्रसंस्करण एवं विपणन केंद्र विकसित किए जाएंगे। कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने आमला जनपद पंचायत के ग्राम नरेरा के दौरे के दौरान अधिकारियों को इसके लिए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने अन्नपूर्णा आजीविका स्व-सहायता समूह की महिलाओं से चर्चा कर उनकी आजीविका गतिविधियों की जानकारी ली। महिलाओं ने बताया कि नरेरा और आसपास के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर आलू उत्पादन होता है, लेकिन प्रसंस्करण और विपणन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है।

इस पर कलेक्टर ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अधिकारियों को क्लस्टर स्तर पर आलू चिप्स सहित अन्य आलू आधारित उत्पादों के निर्माण एवं विपणन के लिए व्यापार केंद्र विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय कृषि उत्पादों का मूल्य संवर्धन कर महिलाओं की आय बढ़ाने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सुदृढ़ किया जाए।

महिलाओं की मांग पर कलेक्टर ने पुराने सामुदायिक भवन को स्व-सहायता समूहों के उपयोग के लिए उपलब्ध कराने तथा वहां पुस्तकें और समाचार पत्रों के साथ एक छोटी लाइब्रेरी संचालित करने के निर्देश भी दिए।

उन्होंने निर्माणाधीन सामुदायिक भवन का कार्य शीघ्र पूरा कराने, ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष स्वच्छता अभियान चलाने, विद्युत आपूर्ति संबंधी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने तथा 'एक बगिया मां के नाम' अभियान एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के लंबित कार्य समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।

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