मुंबई , अप्रैल 11 -- पश्चिम रेलवे ने मुंबई उपनगरीय रेल यात्रियों की सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए महिलाओं के लिए 'सखी' नामक व्हाट्सऐप-आधारित सुरक्षा प्रणाली शुरू की है जिसका उद्देश्य रोजाना उपनगरीय नेटवर्क में सफर करने वाली लाखों महिला यात्रियों को सुरक्षित माहौल प्रदान करना है।

रेलवे सूत्रों के मुतबिक यह पहल आपात स्थिति में तुरंत सहायता उपलब्ध कराने के लिए तैयार की गई है, जिससे महिला यात्री सीधे रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) से व्हाट्सऐप के जरिए जुड़ सकती हैं। तकनीक और जमीनी स्तर पर त्वरित प्रतिक्रिया को जोड़ते हुए यह कदम महिलाओं के सफर को और सुरक्षित व भरोसेमंद बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। यह सेवा चर्चगेट से दहानू तक पूरे उपनगरीय मार्ग पर लागू की गई है। अब तक 11 विशेष व्हाट्सऐप ग्रुप बनाए गए हैं, जिनमें करीब 1,500 नियमित महिला यात्रियों को जोड़ा जा चुका है। हर ग्रुप की निगरानी एक महिला पुलिस उप-निरीक्षक द्वारा की जा रही है, ताकि किसी भी आपात संदेश पर तुरंत कार्रवाई हो सके। छेड़छाड़, चोरी या महिला डिब्बों में पुरुषों के अवैध प्रवेश जैसी घटनाओं में महिलाएं ग्रुप में तुरंत मैसेज, फोटो या वीडियो साझा कर सकती हैं। सूचना मिलते ही आरपीएफ कंट्रोल रूम अगली स्टेशन पर सहायता भेजकर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करता है।

उन्होंने बताया कि डिजिटल सुरक्षा के साथ-साथ रेलवे ने जमीनी स्तर पर भी सख्ती बढ़ाई है। पिछले छह महीनों में 6,195 पुरुषों पर रेलवे अधिनियम के तहत महिलाओं के लिए आरक्षित कोच में अवैध प्रवेश करने पर कार्रवाई की गई है। इस दौरान 13.84 लाख से अधिक का जुर्माना वसूला गया है।

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