नयी दिल्ली , जुलाई 13 -- दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल एक सामाजिक संकल्प नहीं, बल्कि विकसित भारत की आधारशिला बन चुका है।

दिल्ली सरकार ने राजधानी की महिलाओं को आर्थिक रूप से अधिक सशक्त, आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने के लिए अपनी प्रमुख महिला समृद्धि योजना का नाम बदलकर 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' कर दिया है। योजना के तहत 21 से 60 वर्ष आयु वर्ग की पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 2500 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जायेगी। दिल्ली सरकार ने इस महत्वाकांक्षी योजना को अगले माह रक्षाबंधन के आसपास शुरू करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

श्रीमती गुप्ता ने योजना के प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण केवल एक सामाजिक संकल्प नहीं, बल्कि विकसित भारत की आधारशिला बन चुका है। उन्होने कहा " प्रधानमंत्री ने हमेशा महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास को देश की प्रगति का सबसे प्रभावी माध्यम माना है। उसी सोच को आगे बढ़ाते हुए दिल्ली सरकार राजधानी की महिलाओं को 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त, आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन जीने का मजबूत आधार उपलब्ध करा रही है। हमारा विश्वास है कि जब घर की महिला आर्थिक रूप से मजबूत होगी, तब परिवार, समाज और राष्ट्र, तीनों की प्रगति को नयी गति मिलेगी।

बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि योजना के सभी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाये, ताकि इसका लाभ केवल वास्तविक पात्र लाभार्थियों तक ही पहुंचे। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य योजना को पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ लागू करना है। निर्णय के अनुसार योजना का लाभ केवल उसी महिला को मिलेगा, जो स्वयं या उसका परिवार कम से कम 10 वर्षों से दिल्ली की निवासी हो। लाभार्थी एवं उसके परिवार के विरुद्ध किसी प्रकार का आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होना चाहिए। परिवार में आयु के आधार पर सबसे बड़ी महिला ही इस योजना की पात्र होगी तथा एक परिवार से केवल एक महिला को ही इसका लाभ दिया जाएगा। इसके अलावा लाभार्थी के परिवार की वार्षिक आय ढाई लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। जो महिला पहले से सरकार की किसी पेंशन अथवा अन्य नियमित आर्थिक सहायता योजना का लाभ ले रही है, वह इस योजना के लिए पात्र नहीं होगी। इसी प्रकार जिस परिवार के पास चार पहियों का वाहन होगा, उस परिवार की महिला को भी इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।

दिल्ली सरकार का अनुमान है कि इस महत्वाकांक्षी योजना से राजधानी के लाखों परिवारों की महिलाओं को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। इससे महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ेगी, परिवारों की वित्तीय स्थिरता को मजबूती मिलेगी और समाज में महिला सशक्तिकरण को नयी गति प्राप्त होगी।

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