बड़वानी , अक्टूबर 09 -- मध्यप्रदेश के बड़वानी जिला अस्पताल के अधीक्षक सह सिविल सर्जन डॉ. मनोज खन्ना के खिलाफ 32 वर्षीय महिला फिजियोथेरेपिस्ट की शिकायत पर यौन उत्पीड़न सहित अन्य आरोपों में प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस ने शुक्रवार को विवेचना के दौरान शिकायतकर्ता के बयान दर्ज किए।
महिला थाना पुलिस के अनुसार, पीड़िता की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 74, 75(2) और 78(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। शिकायत पहले पीड़िता के पैतृक क्षेत्र में शून्य पर दर्ज हुई थी, जिसे बाद में बड़वानी महिला थाने में नियमित प्रकरण के रूप में दर्ज किया गया।
शिकायत के अनुसार, कार्यालय में हाजिरी रजिस्टर पर हस्ताक्षर करने के दौरान डॉ. खन्ना ने कथित तौर पर अश्लील हरकत की और धक्का दिया। पीड़िता ने आरोप लगाया कि विरोध करने पर उन्हें शाम को अस्पताल के बाहर अकेले मिलने के लिए कहा गया। उन्होंने यह भी बताया कि पिता को ब्रेन स्ट्रोक आने के कारण अवकाश लेने के बाद मेडिकल रिपोर्ट के साथ आवेदन देने के बावजूद उनका 75 दिन का वेतन रोक दिया गया। वेतन भुगतान और अवकाश स्वीकृत करने का अनुरोध करने पर कथित तौर पर कार्यालय समय के बाद अकेले मिलने और दोस्त बनकर रहने के बदले छुट्टी मंजूर करने तथा वेतन देने की बात कही गई। प्रस्ताव ठुकराने पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का भी आरोप लगाया गया है।
पीड़िता ने शिकायत में वर्ष 2023 की एक अन्य कथित घटना का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि उस समय डॉ. खन्ना ने उनके पिता के घर के सामने सोने के दौरान उनका हाथ पकड़कर अश्लील हरकत की थी। उनके चिल्लाने पर आरोपी के भाग जाने की बात कही गई है।
पीड़िता ने पहले बड़वानी कोतवाली में भी आवेदन दिया था, जिसके बाद मामला जिला अस्पताल की महिला उत्पीड़न समिति को जांच के लिए सौंपा गया था। उधर, डॉ. खन्ना की पत्नी ने भी कोतवाली में आवेदन देकर पति पर दूसरी महिला से संपर्क रखने और उन्हें प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं।
डॉ. खन्ना ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि जिला कलेक्टर और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के माध्यम से गठित दो महिला उत्पीड़न समितियां मामले की जांच कर रही थीं। उन्होंने दावा किया कि शिकायतकर्ता जांच में सहयोग के लिए उपस्थित नहीं हो रही थीं।
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