अमेठी , जुलाई 27 -- उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रियंका मौर्य ने अमेठी में महिलाओं से जुड़े उत्पीड़न के मामलों के निस्तारण में जिला स्तर पर लापरवाही स्वीकार करते हुए अधिकारियों को कार्यप्रणाली में सुधार के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यदि महिला आयोग तक पहुंचने के बाद भी पीड़िताओं को न्याय नहीं मिल रहा है, तो यह गंभीर चिंता का विषय है और ऐसे मामलों में जवाबदेही तय की जाएगी। प्रियंका मौर्य सोमवार को एक दिवसीय दौरे पर अमेठी पहुंचीं, जहां उन्होंने महिला उत्पीड़न से संबंधित मामलों की जनसुनवाई की। मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि जनसुनवाई में लगभग 18 से 20 मामले सामने आए, जिनमें भूमि विवाद, घरेलू हिंसा और अपहरण से जुड़े प्रकरण भी शामिल हैं। सदस्य ने कहा कि पिछली जनसुनवाई में जिन मामलों के निस्तारण के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए थे, उनमें से कई मामले दोबारा आयोग के समक्ष आए हैं। विशेष रूप से तीन से चार पीड़ित महिलाओं ने शिकायत की कि आयोग के निर्देशों के बावजूद उनके मामलों में अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
राज्य महिला आयोग की सदस्य ने कहा कि यह जिला स्तर पर स्पष्ट लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि जब पीड़ित महिलाओं को स्थानीय स्तर पर न्याय नहीं मिलता, तभी वे महिला आयोग का दरवाजा खटखटाती हैं। यदि आयोग के निर्देशों के बाद भी कार्रवाई नहीं होती है तो यह गंभीर प्रशासनिक चूक है, जिसका संज्ञान लिया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि महिलाओं से जुड़े मामलों का त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि पीड़िताओं को बार-बार आयोग के समक्ष न आना पड़े। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की महिला सुरक्षा, सम्मान एवं कल्याण से संबंधित योजनाओं का लाभ भी पात्र महिलाओं तक समयबद्ध ढंग से पहुंचाया जाना चाहिए।
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