मुंबई , अप्रैल 17 -- महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि महिला आरक्षण के नाम पर लोकसभा क्षेत्रों का परिसीमन करना भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सत्ता पर कब्जा बनाए रखने की एक सोची-समझी चाल है।

श्री ठाकरे ने इसे 'खतरनाक महत्वाकांक्षा' बताते हुए सभी विपक्षी दलों से इसके खिलाफ एकजुट होने की अपील की। उन्होंने साफ किया कि उनकी पार्टी महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के पक्ष में है, लेकिन जनसंख्या के आधार पर सीटों के बंटवारे का वह कड़ा विरोध करते हैं।

मनसे प्रमुख का तर्क है कि महाराष्ट्र और दक्षिण भारतीय राज्यों ने जनसंख्या नियंत्रण में अच्छा काम किया है, लेकिन नए नियमों से उन्हें नुकसान होगा और उनकी सीटें कम हो सकती हैं। दूसरी ओर, जिन राज्यों में जनसंख्या तेजी से बढ़ी है, वहां लोकसभा की सीटें बढ़ जाएंगी, जो प्रगतिशील राज्यों के साथ अन्याय होगा।

श्री ठाकरे ने चेतावनी दी कि उत्तर भारतीय राज्यों का दबदबा बढ़ने से दूसरे राज्यों पर हिंदी भाषा और उनकी संस्कृति थोपने की कोशिश हो सकती है। इससे देश की एकता को खतरा हो सकता है और क्षेत्रीय विवाद बढ़ सकते हैं। उन्होंने आर्थिक भेदभाव का मुद्दा उठाते हुए कहा कि महाराष्ट्र सबसे ज्यादा टैक्स देता है, लेकिन बदले में उसे उत्तर प्रदेश और बिहार के मुकाबले बहुत कम मिलता है।

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