पटना , मई 15 -- बिहार के सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव ने शुक्रवार को कहा कि महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों एवं संयुक्त देयता समूहों को प्राथमिकता के आधार पर ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।

मंत्री श्री यादव की अध्यक्षता में आज बिहार राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड एवं राज्य के सभी जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सहकारी बैंकों के वित्तीय प्रदर्शन, बैंकिंग गतिविधियों, ऋण वितरण, ऋण वसूली तथा बैंक की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

समीक्षा के दौरान सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव ने सहकारी बैंकों में बढ़ते गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने इसके नियंत्रण के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार कर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि ऋण वसूली में लापरवाही बरतने वाले पदाधिकारियों एवं कर्मियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही बैंक ऋण लेकर फरार होने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने तथा ऋण वसूली अभियान को तेज करने का निर्देश भी दिये गये।

श्री यादव ने महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों एवं संयुक्त देयता समूहों को प्राथमिकता के आधार पर ऋण उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया। उन्होंने राज्य में सहकारी बैंकों की नई शाखाएं खोलने, पैक्सों के माध्यम से अधिकाधिक किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड ऋण उपलब्ध कराने तथा सहकारी बैंकों की योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिये हैं।

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