रायपुर , अक्टूबर 18 -- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शनिवार रात कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश में महतारी वंदन योजना के माध्यम से लगभग 68 लाख महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है, जबकि 14 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।
मुख्यमंत्री साय ने राजधानी रायपुर में आयोजित विभिन्न गरबा एवं नवरात्रि महोत्सवों में शामिल होने के दौरान यह बात कही। उन्होंने प्रदेशवासियों को नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महिलाओं का सशक्तिकरण केवल परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत नहीं करता, बल्कि समाज और प्रदेश के समग्र विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के साथ उनके आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता को भी मजबूत कर रही है। योजना के तहत मिलने वाली राशि का उपयोग महिलाएं बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, घरेलू आवश्यकताओं और बचत के लिए कर रही हैं। राज्य सरकार महिलाओं को कौशल विकास, स्वरोजगार और उद्यमिता के अधिक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की 14 लाख महिलाओं का लखपति दीदी बनना उनकी मेहनत, उद्यमशीलता और आर्थिक आत्मनिर्भरता का प्रमाण है। स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं विभिन्न आजीविका गतिविधियों के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रही हैं। विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में मातृशक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका है।
साय ने नवरात्रि महोत्सवों को भारतीय संस्कृति, धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता का प्रतीक बताते हुए कहा कि गरबा केवल नृत्य का आयोजन नहीं, बल्कि मां दुर्गा के प्रति श्रद्धा और भक्ति की अभिव्यक्ति है। ऐसे आयोजन विभिन्न समाजों और समुदायों के बीच आपसी सद्भाव, भाईचारे और सांस्कृतिक एकता को मजबूत करते हैं।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की पावन भूमि होने के साथ शक्ति आराधना की समृद्ध परंपराओं का केंद्र भी है। दंतेवाड़ा स्थित मां दंतेश्वरी, डोंगरगढ़ की मां बम्लेश्वरी, रतनपुर की मां महामाया और चंद्रपुर की मां चंद्रहासिनी सहित प्रदेश के विभिन्न देवी स्थलों का विशेष धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकास भी, विरासत भी' के मंत्र के अनुरूप राज्य सरकार प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ आधुनिक विकास को आगे बढ़ा रही है। धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों पर श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं के विस्तार और पर्यटन विकास की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित