दरभंगा , सितंबर 19 -- जीविका, दरभंगा के जिला परियोजना प्रबंधक, ऋचा गार्गी ने कहा कि जीविका से जुड़ी महिलाएं केवल बचत और ऋण की गतिविधियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आर्थिक आत्मनिर्भरता, निर्णय लेने की क्षमता और सामाजिक नेतृत्व की दिशा में भी लगातार आगे बढ़ रही हैं।ऋचा गार्गी ने कहा कि जीविका से जुड़ने के बाद अनेक दीदियों ने छोटे-छोटे आजीविका कार्यों की शुरुआत कर उन्हें धीरे-धीरे विस्तार दिया है। इससे न केवल उनकी व्यक्तिगत आय में वृद्धि हुई है, बल्कि वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने, बच्चों की शिक्षा और परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

ऋचा गार्गी ने केवटी प्रखंड में विकास जीविका महिला विकास स्वावलंबी सहकारी समिति लिमिटेड की वार्षिक आमसभा को संबोधित करते हुए कहा कि केवटी प्रखंड में विकास जीविका महिला विकास स्वावलंबी सहकारी समिति लिमिटेड की वार्षिक आमसभा में जीविका दीदियों के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तीकरण, समिति की उपलब्धियों तथा आगामी कार्ययोजना पर चर्चा की गयी। महिलाओं का सशक्तीकरण तभी स्थायी रूप से प्रभावी होगा, जब वे अपने समूह और संगठन की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाएंगी। समूह की नियमित बैठक, बचत, ऋण के उचित उपयोग तथा उपलब्ध आजीविका अवसरों की जानकारी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने दीदियों से अपने अनुभव एक-दूसरे के साथ साझा करने तथा सफल गतिविधियों से सीख लेकर अपनी आजीविका को और बेहतर बनाने का आह्वान किया।

श्रीमती गार्गी ने कहा कि जीविका का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता विकसित करना भी है। उन्होंने दीदियों से सरकारी योजनाओं एवं विभिन्न आजीविका अवसरों की जानकारी प्राप्त कर उनका लाभ उठाने तथा अपने परिवार के साथ-साथ समाज के विकास में भी सक्रिय योगदान देने की अपील की।

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