नागौर , जुलाई 17 -- राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनके जरिए महिलाएं अपने साथ अपने परिवार का भी उत्थान करने में अहम भूमिका निभा रही हैं।

श्री शर्मा शुक्रवार को नागौर जिले में डेगाना के तिलानेश गांव में आयोजित ग्राम विकास चौपाल में महिलाओं के साथ संवाद करते हुए यह बात कही। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संकल्प चार प्रमुख जातियों महिला, युवा, किसान और मजदूर को सशक्त कर विकसित भारत के निर्माण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने का उल्लेख करते हुए महिला सशक्तिकरण पर बल दिया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न योजनाओं से उनके जीवन में आए परिवर्तन की जानकारी ली और सुझाव भी प्राप्त किए। मुख्यमंत्री ने महिलाओं से सरकार की योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने और अन्य महिलाओं को भी जोड़ने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में महिलाओं के सम्मान में कई ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। इसी क्रम में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के माध्यम से बेटियों के संरक्षण और शिक्षा को बढ़ावा दिया गया वहीं, स्वच्छ भारत मिशन के तहत घर-घर शौचालय बनाकर महिलाओं के सम्मान और गरिमा की सुरक्षा सुनिश्चित की गई। इसी प्रकार उज्ज्वला योजना के जरिए करोड़ों महिलाओं को धुएं से मुक्ति दिलाते हुए रसोई गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए गए, जिससे उनके स्वास्थ्य और जीवन स्तर में सुधार आया। इसी प्रकार प्रधानमंत्री आवास योजना में महिलाओं को प्राथमिकता देते हुए आवास उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।

उन्होंने पशुपालन एवं डेयरी से जुड़ी महिलाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार डेयरी के माध्यम से पशुपालकों को पांच रुपये प्रति लीटर अनुदान प्रदान कर रही है। साथ ही, राजीविका के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर महिलाओं को स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है। वहीं, लखपति दीदी योजना के तहत मात्र डेढ़ प्रतिशत ब्याज दर पर डेढ़ लाख तक का ऋण उपलब्ध कराकर महिलाओं को उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने के साथ ही सामाजिक एवं राजनीतिक रूप से सशक्त करने के लिए भी महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। इसी कड़ी में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के माध्यम से महिलाओं को विधानसभाओं और संसद में 33 प्रतिशत आरक्षण देने का मार्ग प्रशस्त किया जा रहा है, जिससे सरकार की योजनाओं एवं निर्णय प्रक्रिया में उनकी भागीदारी और मजबूत होगी।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित