मुंबई , अक्टूबर 14 -- भिनेत्री कुब्रा सैत ने महिला सशक्तिकरण पर अपनी राय रखते हुए कहा कि महिलाएं सदियों से साहसी और संघर्षशील रही हैं तथा उन्हें अपनी शर्तों पर जीवन जीने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए।एक कार्यक्रम में महिलाओं की आवाज बनने के लिए सम्मानित किए जाने पर कुब्रा ने कहा कि महिलाओं का प्रतिनिधित्व करने वाले मंच से जुड़ना उनके लिए सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि महिलाओं ने हमेशा अपने अधिकारों और इच्छाओं के लिए संघर्ष किया है, लेकिन उनके योगदान को पर्याप्त रूप से दर्ज नहीं किया गया।
कुब्रा ने कहा, "मेरा मानना है कि महिलाएं सदियों से साहसी और संघर्षशील रही हैं। हमने हमेशा अपने हक और अपनी इच्छाओं के लिए लड़ाई लड़ी है। यह दर्ज किया गया हो या नहीं, लेकिन कहीं न कहीं हम यह मानने लगे हैं कि यह पुरुषों की दुनिया रही है।"उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण की आवाज बनने के लिए सम्मानित होना उनके लिए खुशी की बात है। उनके अनुसार, सशक्तिकरण का अर्थ अपनी जिंदगी जीने, अनुभवों से सीखने, गलतियां करने से नहीं डरने और खुद को बेहतर इंसान बनाने का अवसर मिलना भी है।
कुब्रा ने कहा कि महिलाओं को अपनी पसंद से फैसले लेने और अपनी पहचान के साथ जीवन जीने की आजादी मिलनी चाहिए।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित