महासमुंद , अप्रैल 15 -- ) छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में सर्व शिक्षक संघ के बैनर तले शिक्षकों ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए उनके कार्यालय का बुधवार को घेराव किया और जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों ने बीईओ की कार्यप्रणाली पर भ्रष्टाचार, अनियमितता, पक्षपातपूर्ण रवैया और तानाशाही के आरोप लगाए हैं। शिक्षकों ने सात सूत्रीय मांगों को लेकर यह प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि संतान पालन अवकाश के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है, विद्यालयों को स्टेशनरी का वितरण नहीं किया जा रहा, जबकि अभिलेखों में वितरण दर्शाया जा रहा है। इसके अलावा कार्यालय व्यय में गड़बड़ी, फर्जी बिल के माध्यम से आहरण, नियम विरुद्ध यात्रा भत्ता निकालना, अवकाश स्वीकृति में पक्षपात, जांच समिति की निष्क्रियता और स्कूलों के युक्तियुक्तकरण में लापरवाही बरती जा रही है।
एक पीड़ित शिक्षिका ने बीईओ पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि संतान पालन अवकाश स्वीकृत करने के लिए उनसे प्रति माह पांच हजार रुपये की मांग की गयी। शिक्षक संघ ने बीईओ के तत्काल निलंबन की मांग को लेकर स्थानीय विधायक, जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
वहीं, बीईओ ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि शिकायत प्राप्त होने पर बिंदुवार जांच कर रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी।
उल्लेखनीय है कि शिक्षा व्यवस्था में इस प्रकार के आरोप सामने आने से व्यवस्था की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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