महासमुंद , जून 21 -- छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में बाल श्रम के लिए ले जाए जा रहे छह नाबालिग बच्चों को आज मुक्त कराया गया।

राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा के निर्देश पर यह कार्रवाई शुरू की गई है।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार आयोग की अध्यक्ष डॉ. शर्मा जिले के प्रवास पर थीं। इस दौरान तुमगांव क्षेत्र में उन्होंने एक पिकअप वाहन में कुछ नाबालिग बच्चों को ले जाते हुए देखा। संदेह होने पर वाहन को रुकवाकर जांच कराई गई, जिसमें छह नाबालिग बच्चों को कथित रूप से बैंड पार्टी के कार्य के लिए ले जाया जाना पाया गया।

इसके बाद बच्चों का तत्काल रेस्क्यू कर उन्हें तुमगांव थाना भेजा गया। प्रारंभिक जांच में बाल श्रम से जुड़े पहलुओं के सामने आने पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

डॉ. शर्मा ने पिकअप वाहन चालक तथा संबंधित बैंड पार्टी संचालकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए हैं। मामले की जांच जारी है तथा बच्चों की काउंसिलिंग एवं आवश्यक संरक्षण संबंधी प्रक्रियाएं अपनाई जा रही हैं।

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