महासमुंद , जून 03 -- छत्तीसगढ़ के महासमुंद नगर पालिका क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को लेकर दोहरे मापदंड का मामला सामने आया है। आम उपभोक्ताओं द्वारा नल कनेक्शन में मोटर पंप लगाने पर कार्रवाई करने वाली नगरपालिका पर अब स्वयं आंगनबाड़ी केंद्रों में मोटर पंप लगाकर पानी की व्यवस्था कराने के आरोप लगाया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार नगरपालिका क्षेत्र के 30 वार्डों में लगभग 80 हजार की आबादी रहती है। नगर पालिका द्वारा घर-घर नल कनेक्शन उपलब्ध कराए गये हैं तथा इसके लिए जलकर भी वसूला जाता है। जलापूर्ति प्रभावित होने की शिकायतों के मद्देनजर नगरपालिका समय-समय पर नल कनेक्शन में लगाए गए मोटर पंपों को जब्त कर संबंधित लोगों के विरुद्ध कार्रवाई करती रही है।

इस बीच कुछ आंगनबाड़ी केंद्रों में नल कनेक्शन पर मोटर पंप लगाकर पानी की आपूर्ति किये जाने का मामला सामने आया है। संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का दावा है कि उक्त मोटर पंप नगरपालिका द्वारा ही लगाए गए हैं। मामले के उजागर होने के बाद नगरपालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।

मामले में महिला एवं बाल विकास विभाग तथा नगरपालिका प्रशासन के अधिकारियों ने ऐसी किसी व्यवस्था की जानकारी नहीं होने की बात कही है। जिला कार्यक्रम अधिकारी टी.के. जाटव ने कहा कि मामले की जांच करायी जाएगी और तथ्य सामने आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वहीं प्रभारी मुख्य नगरपालिका अधिकारी एवं डिप्टी कलेक्टर मनोज कुमार खांडे ने भी जांच के बाद उचित कदम उठाने की बात कही है।

उल्लेखनीय है कि नगरपालिका क्षेत्र में कुल 58 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। फिलहाल दो केंद्रों में नल कनेक्शन पर मोटर पंप लगाए जाने की जानकारी सामने आई है। शेष केंद्रों की स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि नगरपालिका प्रशासन मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय करता है या फिर मामला केवल जांच तक सीमित रह जाता है।

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