महासमुंद , अक्टूबर 30 -- छत्तीसगढ़ में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में महासमुंद पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है।
पुलिस से शुक्रवार को मिली जानकारी के अनुसार जिले में 'ऑपरेशन निश्चय' के तहत करीब नौ महीने के दौरान लगभग 50 करोड़ रुपये मूल्य का 10 हजार किलोग्राम गांजा जब्त किया गया है। इस अवधि में 177 मामले दर्ज कर 500 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रदेश में पिछले डेढ़ वर्ष के दौरान गांजा तस्करी के 970 मामलों में करीब 32 टन गांजा जब्त किया गया है, जबकि 1975 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। इस अभियान में महासमुंद पुलिस ने गांजा जब्ती और तस्करी के नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई में उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है।
महासमुंद पुलिस के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुशील नायक ने बताया कि एक जनवरी 2026 से 18 अक्टूबर 2026 तक 'ऑपरेशन निश्चय' के अंतर्गत 177 मामलों में 500 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें 289 परिवहनकर्ता शामिल हैं, जबकि 70 फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
उन्होंने बताया कि पुलिस ने तस्करी के स्रोत से लेकर गांजे की आपूर्ति के अंतिम ठिकानों तक पहुंचने के लिए 'एंड-टू-एंड इन्वेस्टिगेशन' की रणनीति अपनाई है। इसके तहत बैकवर्ड लिंकेज की जांच में ओडिशा से 145 आरोपियों तथा फॉरवर्ड लिंकेज के आधार पर 67 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में ओडिशा के 162, छत्तीसगढ़ के 138, महाराष्ट्र के 103, मध्यप्रदेश के 73 और उत्तर प्रदेश के 54 निवासी बताए गए हैं। जांच में गांजा तस्करी का अंतरराज्यीय नेटवर्क सामने आया है। ओडिशा से गांजे की खेप लाकर महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, गुजरात, राजस्थान और हरियाणा सहित विभिन्न राज्यों में पहुंचाई जा रही थी। तस्करी के लिए इस्तेमाल किए जा रहे वाहनों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। पुलिस ने करीब 10 करोड़ रुपये मूल्य के वाहन जब्त किए हैं। इनमें बस, ट्रक, पिकअप, एंबुलेंस और कोरियर सेवा से जुड़े वाहन शामिल हैं।
जांच के दौरान तस्करी के कई तरीके भी उजागर हुए हैं। आरोपी पुलिस की निगरानी से बचने के लिए फलों के नीचे, कंटेनरों के विशेष चेंबर, सब्जी परिवहन वाहनों, एंबुलेंस तथा पैकर्स एंड मूवर्स के सामान के बीच गांजा छिपाकर ले जा रहे थे। पुलिस ने ऐसे मामलों का खुलासा करते हुए तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नायक के अनुसार, पुलिस की कार्रवाई केवल गांजा परिवहन करने वालों तक सीमित नहीं है। तस्करी के स्रोत, आपूर्ति श्रृंखला और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान कर पूरे नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
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