, Aug. 12 -- श्री सिंह ने बताया कि इसके लिए सभी विश्वविद्यालयों में फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक विश्वविद्यालय में कुलपति द्वारा नोडल पदाधिकारी और सहायक नोडल पदाधिकारी नामित किए जा चुके हैं। इसी तरह संबद्ध महाविद्यालयों में प्रशिक्षण कार्यक्रम के संचालन के लिए प्राचार्यों द्वारा समन्वयक और सहायक समन्वयक नियुक्त किए गए हैं।
अपर मुख्य सचिव ने बताया कि इस योजना के तहत प्रत्येक विश्वविद्यालय और महाविद्यालय में हर वर्ष छः दिवसीय एफडीपी आयोजित किया जाएगा। इसमें कुल 36 घंटे की अकादमिक गतिविधियाँ होंगी। प्रशिक्षण के विषय यूजीसी द्वारा स्वीकृत मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम के अनुरूप होंगे।
श्री सिंह ने कहा कि कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए राज्यपाल के शिक्षा सलाहकार प्रो. बी.के. त्रिपाठी की ओर से चार दिवसीय कार्ययोजना तैयार की है। इसके तहत सभी विश्वविद्यालयों के नोडल एवं सहायक नोडल पदाधिकारियों तथा संबद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्यों, समन्वयकों एवं सहायक समन्वयकों के साथ 10 से 13 अगस्त, 2026 तक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विस्तृत चर्चा की जा रही है। उन्होंने कहा कि इन बैठकों में संकाय विकास कार्यक्रम (एफडीपी) के संचालन, प्रशिक्षण की रूपरेखा, अकादमिक गतिविधियों, जिम्मेदारियों और आपसी समन्वय की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
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