मुंबई , जुलाई 28 -- महाराष्ट्र साइबर ने चार दिवसीय विशेष निगरानी अभियान के दौरान सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने के लिए कथित रूप से इस्तेमाल किए गए 429 सोशल मीडिया पोस्ट और हैंडल की पहचान की है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। यह सामग्री कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और डीपफेक तकनीक की मदद से तैयार की गई थी।

साइबर सेल ने बताया कि अभियान के दौरान विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हो रहे 500 से अधिक संदिग्ध और भड़काऊ पोस्ट की पहचान कर उन्हें चिन्हित किया गया। विस्तृत जांच के बाद 429 पोस्ट और हैंडल ऐसे पाए गए, जिनमें सनसनीखेज, भड़काऊ और मानहानिकारक सामग्री शामिल थी।

अधिकारियों ने कंटेंट के बेबुनियाद होने की बात पाई लेकिन इसमें सांप्रदायिक अशांति फैलाने, हिंसा भड़काने और राष्ट्रीय सुरक्षा पर बुरा असर डालने की क्षमता थी। प्रारंभिक जांच से पता चला कि इनमें से काफी पोस्ट भारत के बाहर से चलाए जा रहे अकाउंट्स के जरिए साझा की जा रही थीं।

अधिकारियों ने बताया कि इनमें से कुछ सोशल मीडिया अकाउंट ऐसे देशों से जुड़े पाए गए हैं, जिनके साथ भारत के सामान्य राजनयिक संबंध नहीं हैं। महाराष्ट्र साइबर के अनुसार इस अभियान का कथित उद्देश्य सांप्रदायिक तनाव पैदा करना, समुदायों के बीच नफरत फैलाना और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए प्रतिकूल माहौल बनाना था।

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