मुंबई , मई 20 -- वैश्विक ऊर्जा संकट और ईंधन की बढ़ती मांग के बीच महाराष्ट्र सरकार ने घरेलू गैस उपभोक्ताओं के लिए पीएनजी कनेक्शन अपनाने की अंतिम तिथि 30 जून तय करते हुए कहा है कि जिन क्षेत्रों में पीएनजी की सुविधा उपलब्ध है, वहाँ इस तारीख के बाद एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति रोकी जा सकती है लेकिन जहां अभी पीएनजी नेटवर्क नहीं है, वहाँ पहले की तरह एलपीजी सिलेंडर मिलते रहेंगे।
ईंधन आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने के लिए सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर कई अहम फैसले लिए हैं। घरेलू गैस पाइपलाइन बिछाने के आवेदनों को अब विभिन्न विभागों से 24 घंटे के भीतर स्वचालित मंजूरी दी जाएगी। इसके अलावा, नई इमारतों के लिए बिल्डरों को तब तक कब्जा प्रमाणपत्र नहीं मिलेगा जब तक कि वहाँ पीएनजी लाइनों की योजना पहले से तैयार न हो। वहीं, जिन क्षेत्रों में गैस की आपूर्ति अपर्याप्त है, वहाँ मिट्टी के तेल के वितरण नेटवर्क को मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस स्थिति को लेकर राज्य में राजनीतिक सरगर्मी भी बढ़ गई है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद चंद्र पवार) की सांसद सुप्रिया सुले ने ईंधन स्टेशनों पर लगने वाली कतारों और जनता की चिंताओं को लेकर प्रशासन पर पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाया है। सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन पर निशाना साधते हुए सुश्री सुले ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से इस पूरे विषय पर तुरंत एक आधिकारिक बयान जारी करने की मांग की है।
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