मुंबई , मार्च 16 -- महाराष्ट्र विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक बबनराव लोनिकर ने महात्मा फुले जन आरोग्य योजना और आयुष्मान भारत योजना के कार्यान्वयन को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा है कि कई मरीजों को इन योजनाओं से अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा है।

उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र के एक मरीज (जिसे बाईपास सर्जरी के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता नहीं मिल रही है) का उदाहरण देते हुए उन्होंने सरकार से स्पष्टीकरण की मांग की। इसके जवाब में स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश अबितकर ने विस्तृत उत्तर दिया, जिसमें उन्होंने इन योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन पर सरकार के दृढ़ रुख को स्पष्ट किया।

श्री लोनिकर ने कहा कि केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना और राज्य सरकार की महात्मा ज्योतिबा फुले जीवनदायी योजना को संयुक्त रूप से लागू किया जा रहा है। इन योजनाओं का उद्देश्य गरीबों और जरूरतमंदों को बड़ी सर्जरी के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि, व्यवहार में, ऐसी शिकायतें सामने आ रही हैं कि लाभार्थियों को पूरी सहायता नहीं मिल रही है। उनके निर्वाचन क्षेत्र के विट्ठल कदम नामक एक किसान को बाईपास सर्जरी की आवश्यकता है, जिसका खर्च लगभग 11 लाख रुपये हैं।

इस योजना के तहत कुल छह लाख (तीन लाख केंद्र सरकार से और तीन लाख राज्य सरकार से) देने का प्रावधान है, लेकिन संबंधित अस्पताल ने मरीज़ को बताया कि केवल एक लाख ही मंज़ूर किए जाएँगे। नतीजतन, सर्जरी पिछले दो महीनों से अटकी हुई है।

उन्होंने सीधे सरकार से सवाल किया, "जब योजनाओं के तहत छह लाख देने का प्रावधान है, तो लाभार्थी को सिर्फ़ एक लाख ही क्यों दिए जा रहे हैं?" उन्होंने कहा कि ऐसी समस्याओं से गरीब परिवारों को भारी परेशानी होती है और इन कल्याणकारी योजनाओं का मूल उद्देश्य ही विफल हो जाता है।

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