मुंबई , जनवरी 13 -- इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स (आईसीसी) और महाराष्ट्र सरकार ने भारतीय व्यवसायों और महाराष्ट्र राज्य के बीच सहयोग बढ़ाने और परस्पर जुड़ाव को मजबूत करने के लिए मंगलवार को एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किये जिसके तहत निवेश सुविधा, कारोबार की आसानी और उद्योग-सरकार के बीच संवाद पर फोकस किया गया जायेगा।

एमओयू पर महाराष्ट्र सरकार के प्रधान सचिव (उद्योग, निवेश और सेवाएं) पी. अनबलगन और आईसीसी के महानिदेशक डॉ. राजीव सिंह ने हस्ताक्षर किये। इस दौरान व्यापार जगत की कई प्रमुख हस्तियां भी मौजूद थीं।

डॉ. अनबलगन ने कहा कि आईसीसी के साथ यह साझेदारी महाराष्ट्र के उद्योग और निवेशकों के साथ जुड़ाव को मजबूत करने में मददगार होगी। साथ ही एक सुविधाजनक और निवेशकों के अनुकूल महौल तैयार करने की राज्य की प्रतिबद्धता को भी मजबूत करेगी।

डॉ. सिंह ने कहा कि यह करार प्रगतिशील राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम करने और सतत आर्थिक विकास का समर्थन करने के लिए नीति निर्माताओं और उद्योग के बीच एक पुल की तरह काम करने की आईसीसी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

इस समझौते का उद्देश्य महाराष्ट्र को एक पसंदीदा निवेश गंतव्य के रूप में बढ़ावा देना और राज्य सरकार तथा भारतीय व्यापार समुदाय के बीच संस्थागत जुड़ाव को मजबूत करना है।

एमओयू के प्रावधानों के अनुरूप आईसीसी महाराष्ट्र में वार्षिक व्यापार प्रतिनिधिमंडल की बैठक आयोजित करेगा, देश और विदेशों में अपने प्रमुख कार्यक्रमों में महाराष्ट्र से मंत्री और व्यापार प्रतिनिधिमंडलों की मेजबानी करेगा, जो घरेलू और विदेशी निवेश आकर्षित करने के राज्य के प्रयासों को प्रभावशाली तरीके से रखेंगे।

इस करार में उद्योग और महाराष्ट्र सरकार के बीच निरंतर संवाद की भी बात कही गयी है, ताकि नियामक प्रक्रिया, अवसंरचना और कारोबार की आसानी से जुड़ी पहलों पर उद्योगों से सीधा फीडबैक मिल सके। इस एमओयू से आईसीसी और महाराष्ट्र सरकार को आपसी सहमति वाले क्षेत्रों में सहयोग करने और मिलकर आगे की गतिविधियों को जारी रखने का अवसर मिलेगा।

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