मुंबई , जून 05 -- महाराष्ट्र विधान परिषद की 17 सीटों पर होने वाले आगामी चुनाव से पहले विपक्षी गठबंधन महा विकास अघाड़ी को एक बहुत बड़ा झटका लगा है।

"गठबंधन के कई उम्मीदवारों के आखिरी समय पर नाम वापस लेने के कारण राज्य में सत्तारुढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली महायुति ने 17 में से 5 सीटों पर निर्विरोध जीत दर्ज कर ली है। इस भीतरघात से नाराज कांग्रेस और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने अपने बागी उम्मीदवारों को पार्टी से निष्कासित कर दिया है।

कांग्रेस ने यवतमाल से उम्मीदवार साहेबराव कांबले और चंद्रपुर से उम्मीदवार शैलेश अग्रवाल को पार्टी नेतृत्व को सूचित किए बिना नामांकन वापस लेने के आरोप में पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है।

श्री उद्धव ठाकरे की पार्टी ने कोंकण क्षेत्र के वरिष्ठ नेता बाल माने को ऐन वक्त पर नाम वापस लेने के कारण निष्कासित कर दिया। इसके अलावा, छत्रपति संभाजीनगर-जालना सीट से नाम वापस लेने वाली देवयानी डोंगांवकर और उनके पति कृष्ण डोंगांवकर को भी पार्टी से निकाल दिया गया है। नासिक सीट से आवेदन न देकर पीछे हटने वाले अनिल कदम को भी निष्कासित किया गया है।

विधान परिषद की कुल 17 सीटों में से 5 सीटों पर महायुति के उम्मीदवारों ने निर्विरोध जीत हासिल कर ली है, जिसमें एकनाथ शिंदे गुट और सुनेत्रा अजीत पवार गुट के हिस्से में दो-दो सीटें तथा भाजपा के खाते में एक सीट आई है।

रायगढ़-रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग निर्वाचन क्षेत्र से शिवसेना के बागी बाल माने के हटने के बाद महायुति के अनिकेत तटकरे निर्विरोध चुने गए हैं। वहीं पुणे में विपक्षी उम्मीदवार श्रीकांत पाटिल और भाजपा के बागी प्रदीप कंद के नाम वापस लेने के बाद सुनेत्रा पवार गुट के विक्रम काकड़े ने निर्विरोध जीत दर्ज की।

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