मुंबई , अप्रैल 14 -- महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने मंगलवार को मुंबई के 'लोक भवन' में 'राष्ट्रीय अग्नि सेवा दिवस' के अवसर पर 'अग्नि सेवा सप्ताह' का उद्घाटन किया।
मुंबई फायर ब्रिगेड, एमआईडीसी और महाराष्ट्र अग्नि सेवाओं के बारह अग्नि अधिकारियों और कर्मियों को उनकी विशिष्ट सेवा के लिए राज्यपाल द्वारा 'राष्ट्रपति अग्नि सेवा पदक' से सम्मानित किया गया।
राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले कुछ दशकों में अग्नि सेवाओं के सामने चुनौतियां कई गुना बढ़ गई हैं। तेजी से हो रहे शहरीकरण, ऊंची-ऊंची इमारतें, भूमिगत और एलिवेटेड मेट्रो नेटवर्क और बढ़ते औद्योगिक क्षेत्रों ने आपात स्थितियों की प्रकृति को और अधिक जटिल बना दिया है। बड़े गोदाम और डेटा केंद्र अब एक आवश्यकता बन गए हैं, जो पारंपरिक औद्योगिक आग से लेकर अत्यधिक परिष्कृत डेटा बुनियादी ढांचे से जुड़ी आग तक विविध प्रकार की चुनौतियां पेश करते हैं।
राज्यपाल ने इस बात पर जोर दिया कि बदलते परिदृश्य में अग्निसेवा कर्मियों के कौशल, प्रशिक्षण और बुनियादी ढांचे का निरंतर उन्नयन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि 15वें वित्त आयोग के तहत महाराष्ट्र में अग्नि सेवाओं के आधुनिकीकरण के लिए स्वीकृत 614 करोड़ रुपये की राशि, शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा सेवाओं को काफी हद तक मजबूत करेगी।
उल्लेखनीय है कि 14 अप्रैल को उन अग्निकर्मियों की स्मृति में 'राष्ट्रीय अग्नि सेवा दिवस' के रूप में मनाया जाता है, जिन्होंने वर्ष 1944 के 'बॉम्बे डॉक विस्फोट' में अपनी जान गंवा दी थी। इसी दिन से 'अग्नि सेवा सप्ताह' का भी पालन किया जाता है।
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