मुंबई , सितंबर 9 -- महाराष्ट्र सरकार ने लालफीताशाही को समाप्त करने और संपत्ति धोखाधड़ी पर नकेल कसने के उद्देश्य से 'महाभूमि स्टैक' नामक एक एकीकृत डिजिटल पोर्टल लॉन्च किया है। इसके तहत भूमि और राजस्व से जुड़ी 10 से अधिक महत्वपूर्ण सेवाओं को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया गया है।
राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने संवाददाताओं को बताया कि इस प्लेटफॉर्म के शुरू होने से आम नागरिकों और किसानों को स्थानीय राजस्व कार्यालयों के बार-बार चक्कर नहीं लगाने होंगे। इसमें अलग-अलग प्रणालियों में बिखरे डेटाबेस को एक साथ जोड़ दिया गया है, जिससे 3.6 करोड़ पुराने स्कैन हुए दस्तावेज, 1.5 करोड़ भूमि मानचित्र और 400 करोड़ म्यूटेशन रिकॉर्ड अब एक ही क्लिक पर उपलब्ध होंगे। नागरिक अब अपने मोबाइल फोन से ही ऐतिहासिक स्वामित्व, वर्तमान स्थिति, माप-जोख और रेडी-रेकनर मूल्यांकन की सटीक जानकारी हासिल कर सकते हैं।
इसके साथ ही राज्य सरकार ने वंचित वर्गों को भूमि अधिकार देने के लिए एक विशेष प्रशासनिक अभियान की भी घोषणा की है। पीढ़ियों से बिना किसी आधिकारिक दस्तावेज के खेती कर रहे अनुमानित 1.5 से 2 लाख आदिवासी किसानों को औपचारिक भूमि स्वामित्व और वन पट्टा प्रदान करने के लिए 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक 15 दिवसीय विशेष अभियान चलाया जाएगा। ग्राम सभाओं और ज़मीनी स्तर की समितियों के माध्यम से इन दावों का त्वरित निपटारा किया जाएगा तथा तीन महीने के भीतर आधिकारिक संपत्ति कार्ड और 7/12 अंश (उतारे) वितरित करने का लक्ष्य रखा गया है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित