मुंबई , अगस्त 23 -- महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री एवं अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल ने रविवार को उन दावों को सख्ती से खारिज किया, जिसमें कहा गया है कि ओबीसी आरक्षण खतरे में है।

श्री भुजबल ने कहा कि प्रशासन समुदाय की मांगों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल के राज्य-व्यापी प्रदर्शनों की तैयारी तेज करने के बीच श्री भुजबल ने समता परिषद की एक अहम बैठक में सामाजिक और प्रशासनिक मुद्दों पर बात की। पिछड़े वर्ग के आरक्षण के खत्म होने की बातों को सिरे से खारिज करते हुए उन्होंने कहा, "कौन कह रहा है कि ओबीसी आरक्षण खत्म हो गया है?" उन्होंने बताया कि सरकार जाति सत्यापन में प्रशासनिक सुधार और जाति जनगणना जैसी लंबे समय से लंबित मांगों पर सक्रियता से काम कर रही है।

राजनीतिक खींचतान पर स्थिति स्पष्ट करते हुए श्री भुजबल ने कहा कि श्री पाटिल का आंदोलन सीधे उनके समूह के खिलाफ नहीं है। उन्होंने कहा कि शिकायतों के समाधान के लिए प्रशासन के साथ बातचीत ही मुख्य जरिया है। आरक्षण की राजनीति से हटकर, श्री भुजबल ने शासन-प्रशासन से जुड़े मुद्दों पर भी बात की। उन्होंने अल-नीनो जैसी मौसमी घटनाओं के कृषि पर व्यापक असर का जिक्र किया और भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी तुकाराम मुंडे जैसे वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए जा रहे ठोस प्रयासों की सराहना की।

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