नागपुर/मुंबई , सितंबर 02 -- महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सभी सरकारी विभागों को जनजातीय (पेसा) क्षेत्रों में रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया तेज करने और अगले छह महीने में इसे पूरा करने के निर्देश दिये हैं।
श्री फडणवीस ने जनजातीय क्षेत्रों में रिक्त पदों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए विभागों को दो सप्ताह के भीतर अधिक संख्या वाले पदों पर कार्यरत कर्मचारियों, ऐसे पदों पर सेवानिवृत्त कर्मचारियों और मूल स्वीकृत पदों में रिक्त पदों का विस्तृत ब्योरा देने को कहा है। उन्होंने बताया कि उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में मूल पदों से हटाये जाने के बाद कई कर्मचारियों को अधिक संख्या वाले पदों पर समायोजित किया गया था। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की लंबे समय की सेवा को देखते हुए सरकार ने मानवीय आधार पर उन्हें इन पदों पर समायोजित किया था।
श्री फडणवीस ने जिलाधिकारियों को अधिक संख्या वाले पदों पर कार्यरत कर्मचारियों और संबंधित रिक्तियों का विभागवार आंकड़ा तत्काल जुटाने और उसका सत्यापन करने का निर्देश दिया। यह जानकारी मुख्य सचिव कार्यालय को भेजी जाएगी, जिसके बाद विभाग रिक्त पदों को भरने के लिए आवश्यक भर्ती प्रक्रिया शुरू करेंगे। उन्होंने समयबद्ध कार्रवाई पर जोर देते हुए सभी संबंधित विभागों को निर्धारित अवधि में तैयारी पूरी करने के निर्देश दिये और स्पष्ट किया कि भर्ती की समयसीमा में कोई विस्तार नहीं दिया जायेगा।
बैठक में अनुसूचित जनजाति (एसटी) श्रेणी के तहत की गयी नियुक्तियों के सत्यापन की स्थिति की भी समीक्षा की गयी। अधिकारियों ने बताया कि 2015 में हुई समीक्षा में कई कर्मचारियों द्वारा जाति वैधता प्रमाणपत्र जमा नहीं करने का पता चला था। इसके बाद 2019 में किये गये सत्यापन में करीब 6,860 ऐसे कर्मचारियों की पहचान हुई, जिनके पास वैध प्रमाणपत्र नहीं थे। इनमें से 1,346 मामलों का अब तक निपटारा किया जा चुका है।
जनजातीय क्षेत्रों में रिक्त पदों का मुद्दा एसटी संगठनों की प्रमुख मांग रहा है। संगठन विभिन्न सरकारी विभागों में करीब 12,500 आरक्षित पदों की तत्काल पहचान कर उन्हें भरने तथा पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) अधिनियम (पेसा) के तहत भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने की मांग कर रहे हैं।
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