मुंबई , अक्टूबर 11 -- केंद्र सरकार की अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम ने महाराष्ट्र के सूखा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर खरीफ फसलों और सूखे की स्थिति का जायजा लिया है।
टीम ने राज्य के नेताओं के साथ अहम बातचीत की क्योंकि प्रशासन केंद्र सरकार से अधिक से अधिक आपदा राहत की मांग कर रहा है। राज्य के कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरणे ने रविवार को बताया कि केंद्रीय प्रतिनिधिमंडलों ने सोलापुर, अहिल्यानगर, मराठवाड़ा और विदर्भ समेत कई ज़िलों के 65 गांवों में फसलों को हुए भारी नुकसान, पीने के पानी की कमी और चारे की किल्लत का जायजा लिया। इन नतीजों को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में उनके सरकारी आवास 'वर्षा' पर हुई एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक में पेश किया गया। बैठक में वरिष्ठ कैबिनेट मंत्रियों के साथ-साथ केंद्रीय सूखा निरीक्षण टीम के प्रमुख और संयुक्त सचिव मुक्तानंद अग्रवाल भी शामिल हुए।
राज्य प्रशासन के अनुसार अल-नीनो के कारण अनियमित बारिश से बड़े जलाशयों में पानी का भंडार बहुत कम हो गया है। इससे कपास, सोयाबीन और अरहर (तुअर) जैसी मुख्य नकदी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है और आने वाले रबी फसल चक्र पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं। कृषि मंत्री भरणे ने बताया कि केंद्रीय प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के सूखे के प्रारंभिक आकलन पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।
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