मुंबई , जुलाई 10 -- महाराष्ट्र सरकार ने कहा है कि हाल ही में घोषित किसान कर्ज माफी योजना को लागू करने में विलंब हुआ है और इसे शुरू करने से पहले वह केंद्र सरकार से लाभार्थियों के आयकर डेटा की प्रतीक्षा कर रही है।

'पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होल्कर शेतकरी कर्जमाफी योजना' के तहत राज्य सरकार ने पात्र किसानों के लिए दो लाख रुपये तक का कर्ज माफ करने और उन किसानों को 50,000 रुपये का प्रोत्साहन देने की घोषणा की थी जिन्होंने अपने फ़सल ऋण का नियमित रूप से भुगतान किया है। सरकार ने हालांकि अभी यह तय नहीं किया है कि आयकर भरने वाले किसान इस योजना के लिए पात्र होंगे या नहीं।

अधिकारियों ने बताया कि केंद्र से लाभार्थियों का आयकर डेटा मांगा गया है और जानकारी मिलने के बाद ही इसे लागू करने की प्रक्रिया शुरू होगी। आवश्यक डेटा अगले चार-पांच दिनों में मिलने की उम्मीद है यानी यदा मिलने में अभी एक से दो हफ्ते और लग सकते हैं। अगर टैक्स भरने वालों को योजना से बाहर रखा जाता है, तो पात्र लाभार्थियों की संख्या कम हो सकती है। फ़िलहाल सरकार का दावा है कि कर्ज माफी से लगभग 56 लाख किसानों को फायदा होने की उम्मीद है।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) के विधायक रोहित पवार ने बिना किसी पात्रता शर्त के निशर्त और पूरी तरह से कर्ज माफी की मांग को लेकर आंदोलन किया था। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ बातचीत के बाद यह विरोध प्रदर्शन रोक दिया गया था। अब जब सरकार इनकम टैक्स की स्थिति को पात्रता की एक अतिरिक्त शर्त के तौर पर देख रही है, तो इस कदम से किसान समुदाय के कुछ वर्गों में नाराजगी पैदा हो सकती है।

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