मुंबई , जून 15 -- महाराष्ट्र मोटर वाहन विभाग (आरटीओ) का कामकाज पूरी तरह ठप हो सकता है। अपनी पुरानी मांगों को लेकर राज्य के आरटीओ कर्मचारियों ने मंगलवार से राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का एलान किया है।

अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करने का निर्णय मोटर वाहन विभाग कर्मचारी संघ की एक आपातकालीन बैठक के दौरान लिया गया। यहाँ मीडिया को संबोधित करते हुए संघ के महासचिव सुरेंद्र सरतापे ने राज्य प्रशासन पर 'टालमटोल की रणनीति' अपनाने और कर्मचारियों की शिकायतों के प्रति पूरी उदासीनता दिखाने का आरोप लगाया।

श्री सरतापे ने कहा, "हमने सरकार और प्रशासन को हमारी चिंताओं को दूर करने के लिए पर्याप्त से अधिक समय दिया है। हमें हालांकि खोखले आश्वासनों और प्रशासनिक बाधाओं के अलावा कुछ नहीं मिला। सरकार को एक निर्णायक, सकारात्मक कदम उठाने के लिए मजबूर करने के लिए अब अनिश्चितकालीन हड़ताल ही एकमात्र विकल्प बचा है।"विवाद का मुख्य कारण विभाग द्वारा 'सेवा भर्ती नियम' अधिसूचित करने में विफलता है, जबकि राज्य सरकार ने साढ़े तीन साल पहले ही विभाग के नए संगठनात्मक ढांचे को मंजूरी दे दी थी। संघ का तर्क है कि इन नियमों के अभाव में कर्मचारियों की पदोन्नति में बड़ा गतिरोध पैदा हो गया है, जिससे हजारों कर्मचारियों को गंभीर वित्तीय और व्यावसायिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

इस हड़ताल से राज्य के परिवहन क्षेत्र के पूरी तरह ठप होने की आशंका है। प्रभावित होने वाली सेवाओं में ड्राइविंग लाइसेंस जारी करना और उनका नवीनीकरण, नए वाहनों का पंजीकरण और आरसी बुक जारी करना, अनिवार्य वाहन फिटनेस निरीक्षण और वाणिज्यिक परिवहन परमिट की प्रक्रिया शामिल हैं।

परिवहन विशेषज्ञों का मानना है कि हड़ताल के कारण काम का बड़े पैमाने पर लंबित हो जाएगा, विशेष रूप से वाणिज्यिक संचालकों और नए वाहन खरीदारों के लिए।

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