मुंबई , अप्रैल 01 -- महाराष्ट्र में शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत 2026-27 शैक्षणिक सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया में जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है। राज्य के निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों में 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों के लिए 2.87 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं।

यह संख्या उपलब्ध 1,14,833 सीटों से कहीं अधिक है, जो राज्य के 8,701 स्कूलों में मौजूद हैं। इससे अभ्यर्थियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा का अंदाजा लगाया जा सकता है।

शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि आवेदन की अंतिम तिथि अब आगे नहीं बढ़ाई जाएगी। ऑनलाइन लॉटरी और आगे की प्रवेश प्रक्रिया का विस्तृत कार्यक्रम अलग से घोषित किया जाएगा। पूरी प्रक्रिया प्राथमिक शिक्षा निदेशालय द्वारा ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुए संचालित की जा रही है।

शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के तहत निजी स्कूलों को प्रवेश स्तर (आमतौर पर कक्षा 1) पर 25 प्रतिशत सीटें आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों और वंचित समूहों जैसे अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित करनी होती हैं। इन छात्रों की फीस सरकार द्वारा वहन की जाती है।

पात्रता के लिए महाराष्ट्र का निवासी होना आवश्यक है और आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र तथा (जहां लागू हो) जाति प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज जमा करने होते हैं।

17 फरवरी 2026 से शुरू हुई आवेदन प्रक्रिया में शुरुआत में अभिभावकों को अपने घर से एक किलोमीटर के दायरे में स्कूल चुनने की अनुमति थी। हालांकि इस सीमा के कारण आवेदन संख्या घटकर मार्च की शुरुआत तक लगभग 1.86 लाख रह गई थी।

बाद में बॉम्बे हाई कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद एक किलोमीटर की सीमा को समाप्त कर दिया गया, जिससे अभिभावकों को अधिक विकल्प मिले। इसके बाद 0-1 किमी, 1-3 किमी और उससे अधिक दूरी के आधार पर स्कूल चुनने की अनुमति दी गई।

अदालत के आदेश के बाद आवेदन की अंतिम तिथि, जो पहले 25 मार्च थी, बढ़ाकर 31 मार्च 2026 कर दी गई। साथ ही पहले आवेदन कर चुके अभिभावकों को नए नियमों के तहत पुनः आवेदन करना पड़ा, जिससे आवेदन संख्या तेजी से बढ़कर 2.87 लाख के पार पहुंच गई।

जिलेवार आंकड़ों में शहरी क्षेत्रों में ज्यादा मांग देखने को मिली। पुणे में 52,000 से अधिक आवेदन, नागपुर और ठाणे में 24,000 से ज्यादा तथा नासिक में 16,000 से अधिक आवेदन दर्ज किए गए। मुंबई उपनगरीय क्षेत्र में शहरी सीटों के लिए 9,797 आवेदन प्राप्त हुए। सीटों की उपलब्धता के अनुसार, पुणे में 951 स्कूलों में 18,452 सीटें हैं, जबकि नागपुर में 646 स्कूलों में 7,005 सीटें उपलब्ध हैं।

एक अप्रैल 2026 तक प्रवेश प्रक्रिया जारी है और पहली लॉटरी सूची जल्द जारी होने की उम्मीद है। चयनित छात्रों के दस्तावेजों का सत्यापन होने के बाद अस्थायी प्रवेश दिया जाएगा। जून तक कई चरणों में चयन प्रक्रिया जारी रहेगी और प्रतीक्षा सूची में शामिल अभिभावकों को एसएमएस के माध्यम से सूचना दी जाएगी।

अधिकारियों ने अभिभावकों को आवेदन करते समय सही स्थान संबंधी जानकारी देने की सलाह दी है, क्योंकि गलत या दोहराव वाले आवेदन खारिज किए जा सकते हैं। इसके अलावा, अल्पसंख्यक दर्जे की समीक्षा के बाद लगभग 20 नए स्कूलों को भी इस प्रक्रिया में शामिल किया गया है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित