मुंबई , मई 14 -- महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने गुरुवार को सिंचाई, प्रशासन, खेती, शिक्षा, क्षेत्रीय विकास, शहरी ढांचे और कल्याणकारी सुधारों सहित अलग-अलग क्षेत्रों के 14 बड़े फैसले लिये।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार भी शामिल हुईं। बैठक के दौरान लिये गये सबसे अहम फैसलों में से एक राज्यभर में सिंचाई बांधों और जलाशयों से गाद निकालने के लिए एक बदली हुई नीति को मंजूरी देना था। नयी नीति के तहत जलाशयों से गाद और गाद मिली रेत हटाई जाएगी, जिसका मकसद पानी जमा करने की क्षमता बढ़ाना, जलाशय को बेहतर बनाना और किसानों को खेती के इस्तेमाल के लिए पोषक तत्वों से भरपूर गाद देना है।

मंत्रिमंडल के फैसले के मुताबिक गाद निकालने की पहल के तहत शुरू में छह बड़े बांधों को परीक्षण के आधार पर लिया जाएगा। सरकार ने कहा कि इस कदम से लंबे समय तक पानी बचाने में सुधार होने और सूखे वाले इलाकों में खेती की उत्पादकता को बढावा मिलने की उम्मीद है। मंत्रिमंडल ने एक और बड़े फैसले में नासिक जिले में अंबोली-वेलुंजे मार्ग परिवर्तन योजना के लिए 49.26 करोड़ रुपये के वित्तीय प्रावधान को मंजूरी दी।

मंत्रिमंडल ने सिंधुदुर्ग और रत्नागिरी जिलों में 'सिंधुरत्न समृद्धि योजना 2.0' को और तीन सालों के लिए जारी रखने की भी मंजूरी दी, जिसका मकसद प्राकृतिक संसाधनों की योजना के साथ इस्तेमाल और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाकर संतुलित क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देना है।

बैठक के दौरान भर्ती और आरक्षण नीति से जुड़े एक बड़े प्रशासनिक सुधार को भी मंजूरी दी गयी, जिसमें आरक्षित क्षेणी के उम्मीदवार जो उम्र, शैक्षणिक योग्यता, परीक्षा प्रयासों या अनुभव से जुड़ी छूट का फायदा उठाना चाहते हैं, वे अब सिर्फ आरक्षित श्रेणी के रिक्त पदों के लिए ही नियुक्ति के लिए योग्य होंगे, न कि अनारक्षित श्रेणी के लिए।

मंत्रिमंडल ने मृदा एवं जल संरक्षण विभाग के लिए एक बदले हुए संगठनात्मक ढांचे को भी मंजूरी दी और जमीनी स्तर पर कार्यान्वयन मशीनरी को मजबूत करने और प्रशासनिक दक्षता में सुधार करने के लिए 2,284 सृजित किये गये पदों सहित कुल 8,767 पदों को मंजूरी दी।

मंत्रिमंडल ने विमुक्त जाति और घुमंतू जनजातियों के निजी सहायता प्राप्त आवासीय स्कूलों में काम करने वाले उच्चतर माध्यमिक अध्यापकों के लिए 12 और 24 साल की सेवा पूरी करने के बाद वरिष्ठ और चयनित वेतनमान को भी मंजूरी दी।

महाराष्ट्र राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग अधिनियम, 2025 और महाराष्ट्र राज्य अनुसूचित जाति आयोग अधिनियम, 2025 में बदलाव को भी मंजूरी दी गयी, ताकि दोनों आयोगों में उपाध्यक्ष का पद सृजित किया जा सके।

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