मुंबई , जुलाई 09 -- महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग के कंप्यूटर आधारित परीक्षा के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षाएं आयोजित करने के निर्णय के ख़िलाफ़ अपना आंदोलन तेज़ करने की गुरुवार को घोषणा की।
महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस के अनुसार सीबीडी बेलापुर में एमपीएससी मुख्यालय के सामने बुधवार से अनिश्चितकालीन क्रमिक भूख हड़ताल एवं धरना-प्रदर्शन शुरू किया गया। लोगों से मिले ज़बरदस्त समर्थन के बाद गुरुवार को दूसरे दिन भी यह विरोध-प्रदर्शन जारी रहा।
कांग्रेस ने कहा कि लगातार दो दिनों के विरोध-प्रदर्शन के बावजूद एमपीएससी ने अब तक प्रदर्शनकारियों से कोई बातचीत शुरू नहीं की है और न ही छात्रों की मांगों पर सकारात्मक विचार करने की कोई घोषणा की है।
प्रदेश कांग्रेस ने छात्रों के शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध-प्रदर्शन की एमपीएससी की कथित अनदेखी पर कड़ी नाराज़गी व्यक की और शुक्रवार 10 जुलाई से आंदोलन को और तेज़ करने का फ़ैसला किया ।
कांग्रेस ने कहा कि छात्र, नागरिक, पदाधिकारी और कार्यकर्ता राज्य सरकार एवं एमपीएससी द्वारा छात्रों की जायज़ मांगों की अनदेखी के विरोध में अपनी बांह या छाती पर काली पट्टी बांधकर आंदोलन में शामिल होंगे। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगें पूरी होने तक अनिश्चितकालीन क्रमिक भूख हड़ताल, धरना-प्रदर्शन और काली पट्टी बांधकर विरोध जारी रखने का पक्का इरादा व्यक्त किया है। कांग्रेस ने एमपीएससी और राज्य सरकार से छात्रों के सब्र की परीक्षा न लेने की अपील भी की है।
इस बीच महाराष्ट्र प्रशासनिक न्यायाधिकरण ने 2023 की तलाठी भर्ती प्रक्रिया में साइबर गड़बड़ियों एवं प्रश्न-पत्र लीक होने के शक की जांच साइबर अपराध विभाग से कराने का आदेश दिया है ताकि दोषियों का पता लगाया जा सके और तय समय के भीतर सरकार को रिपोर्ट सौंपी जा सके। इस आदेश से ऑनलाइन सीबीटी परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता को लेकर छात्रों के मन में संदेह बढ़ गया है, जिसके कारण सीबीटी को खत्म किये जाने तथा पहले की तरह ऑफलाइन परीक्षा आयोजित किये जाने की मांग की गयी है।
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