मुंबई , अगस्त 25 -- महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा में कथित पेपर लीक के आरोपों को लेकर राज्य में परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर हजारों अभ्यर्थी विरोध प्रदर्शन पर उतर आये।
पीड़ित अभ्यर्थियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के अध्यक्ष राज ठाकरे से उनके आवास पर मुलाकात की और कथित पेपर लीक से जुड़े दस्तावेजी सबूत सौंपे। इस विवाद से लगभग 40,000 से अधिक उम्मीदवार प्रभावित हुए हैं, जिससे भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो गये हैं।
इस मुलाकात के बाद एमएनएस नेता संदीप देशपांडे ने एक संवाददाता सम्मेलन में राज्य प्रशासन की कड़ी आलोचना की। उन्होंने सवाल उठाया कि अभ्यर्थियों के अधिकारियों को साक्ष्य सौंपे जाने के बावजूद अब तक औपचारिक प्राथमिकी दर्ज क्यों नहीं की गयी है। श्री देशपांडे ने इस मामले की जांच में मुंबई पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाये और सरकार से पूर्ण पारदर्शिता की मांग की। उन्होंने यह भी अंदेशा जताया कि क्या किसी प्रभावशाली व्यक्ति या राजनीतिक संबंधों के कारण इस मामले में निर्णायक कार्रवाई करने से रोका जा रहा है।
छात्रों और विपक्षी दलों के बढ़ते दबाव के बीच, श्री ठाकरे प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों की मांगों और इन गंभीर आरोपों पर चर्चा करने के लिए मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस से मुलाकात कर सकते हैं। एमएनएस ने चेतावनी दी है कि अगर इस मामले में तुरंत और निष्पक्ष जांच शुरू नहीं की गयी, तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जाएगी। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि यदि अभ्यर्थी सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करने का फैसला करते हैं, तो एमएनएस उन्हें अपना पूरा समर्थन देगी।
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