मुंबई , जुलाई 16 -- महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त तुकाराम मुंढे ने गुरुवार को एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित शिकायत निवारण मंच की शुरुआत की जिसका उद्देश्य नागरिकों को राज्य भर में खाद्य पदार्थों में मिलावट, नकली दवाओं और घटिया औषधियों के मामलों की रिपोर्ट करने के लिए एक सरल, सुलभ और तकनीक-संचालित माध्यम प्रदान करना है।
इस नये तरीके में आवाज आधारित शिकायत पंजीकरण प्रणाली की सुविधा दी गयी है, जिससे लोग लंबे लिखित विवरण प्रस्तुत किये बिना ही अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे। नागरिक इस आसान माध्यम के जरिए संदिग्ध खाद्य मिलावट, नकली दवाओं, भ्रामक ब्रांड वाले उत्पादों और अन्य उल्लंघनों का विवरण साझा कर सकते हैं, जिससे शिकायत निवारण की प्रक्रिया तेज और जन-अनुकूल हो जाएगी।
इस अवसर पर श्री मुंढे ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य खाद्य और दवा सुरक्षा सुनिश्चित करने में जनता की भागीदारी को मजबूत करना है, साथ ही कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग से नियमों के प्रवर्तन को अधिक कुशल बनाना है। यह अत्याधुनिक प्रणाली शिकायत के विवरण को स्वचालित रूप से दर्ज करने, शिकायतों को वर्गीकृत करने, उन्हें त्वरित कार्रवाई के लिए संबंधित कार्यालय में भेजने और प्रत्येक मामले की प्रगति की निगरानी करने के लिए तैयार की गयी है। इस तकनीक से प्रसंस्करण समय में कमी आने, पारदर्शिता में सुधार होने और शिकायतों का समय पर निपटारा सुनिश्चित होने की उम्मीद है।
अधिकारियों ने कहा कि यह माध्यम विभाग को मिलावटी खाद्य उत्पादों, नकली दवाओं और घटिया दवाओं के निर्माण और बिक्री के खिलाफ तेजी से पता लगाने और कार्रवाई करने में मदद करेगा, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं।
यह महाराष्ट्र भर में शिकायतों की बेहतर निगरानी, डेटा विश्लेषण और बार-बार होने वाले उल्लंघनों के पैटर्न की पहचान करने में भी सुविधा प्रदान करेगा। विभाग का मानना है कि यह डिजिटल मंच अधिक नागरिकों को बिना किसी कठिनाई के अपराधों की रिपोर्ट करने के लिए प्रोत्साहित करेगा, विशेष रूप से उन लोगों को जिन्हें पारंपरिक ऑनलाइन शिकायत प्रक्रियाएं कठिन लगती हैं। आवाज आधारित सुविधा से इस प्रणाली को विभिन्न शैक्षिक और भाषाई पृष्ठभूमि के लोगों के लिए अधिक समावेशी और सुलभ बनाने की उम्मीद है।
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