नासिक , सितंबर 14 -- महाराष्ट्र में नासिक जिले के पेठ तालुका स्थित हेंडमल गांव के एक मरीज को पक्की सड़क न होने के कारण बांस के बनाये गये अस्थायी बिस्तर पर लादकर अस्पताल ले जाना पड़ा। गांव तक एम्बुलेंस न पहुंच पाने की स्थिति में परिजनों और ग्रामीणों को मजबूरी में यह कदम उठाना पड़ा।
सुरगाणा ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले सुदूर आदिवासी बस्ती हेंडमल के निवासी 40 वर्षीय मरीज के पेट और पैरों में अचानक तेज दर्द शुरू हो गया था। इस बस्ती को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाली कोई उचित सड़क न होने से आपातकालीन वाहन वहां नहीं पहुंच सके। इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों ने मरीज को बांस के बिस्तर में लिटाया और लगभग पांच किलोमीटर लंबे दुर्गम एवं पहाड़ी मार्ग से पैदल चलकर मुख्य मार्ग तक पहुंचाया।
गांव वालों की मुसीबत यहीं खत्म नहीं हुई। समय पर सरकारी एम्बुलेंस उपलब्ध न होने पर परिजनों ने निजी वाहन की व्यवस्था की और मरीज को पेठ स्थित शासकीय उप-जिला अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल अस्पताल में मरीज का उपचार चल रहा है और डॉक्टरों ने उनकी हालत स्थिर बतायी है।
इस घटना ने नासिक जिले के सुदूर आदिवासी इलाकों में बुनियादी सड़कों और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं के अभाव को एक बार फिर उजागर किया है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि उन्होंने हेंडमल के लिए पक्की सड़क निर्माण के लिए प्रशासन को बार-बार ज्ञापन और शिकायतें सौंपी हैं लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
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