मुंबई , जून 19 -- शिवसेना (यूटीबी) के सांसद ओमराजे निंबालकर, जो एक अलग गुट बनाने की कोशिशों में अहम भूमिका निभा रहे हैं और खबरों के अनुसार शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं, ने अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा कि पार्टी छोड़ना भले ही भावनात्मक रूप से दुखद हो लेकिन राजनीतिक रूप से यह ज़रूरी है।
इस कदम के बारे में बात करते हुए श्री निंबालकर ने शुक्रवार को कहा कि वह एक बड़ी दुविधा का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भावनात्मक रूप से यह फ़ैसला गलत लगता है लेकिन राजनीतिक नज़रिए से यह सही है। उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र में विकास कार्य करने और अपनी राजनीतिक अहमियत बनाए रखने में आ रही चुनौतियों का भी ज़िक्र किया।
उस्मानाबाद के सांसद ने कहा कि सांसद बनने के बावजूद उन्हें स्थानीय निकायों में अपने समर्थकों को चुनाव जिताने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा है, जिससे उनके भविष्य के राजनीतिक अस्तित्व पर चिंता उत्पन्न हो गई है। उन्होंने सड़कों, पुलों और विकास योजनाओं से जुड़े कामों जैसे अहम विकास प्रोजेक्ट्स के लिए फंड और प्रशासनिक सहयोग न मिलने पर निराशा भी व्य्कत की।
श्री निंबालकर ने दावा किया कि कार्यकर्ता और समर्थक उन पर श्री शिंदे गुट में शामिल होने का दबाव बना रहे हैं। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि पाला बदलने का फ़ाइनल फ़ैसला पवनराजे निंबालकर मर्डर केस में फ़ैसले के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं से बातचीत के बाद ही लिया जाएगा।
श्री निंबालकर ने उन आरोपों को खारिज कर दिया कि उन्होंने अपनी निष्ठा बदलने के बदले पैसे लिए या वाई-प्लस सुरक्षा कवर हासिल किया; उन्होंने ऐसे दावों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने बल देकर कहा कि उनका फैसला पूरी तरह से विकास के लिए फंड प्राप्त करने और अपने निर्वाचन क्षेत्र में जनता से जुड़े मुद्दों को हल करने की जरूरत से प्रेरित है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की तारीफ़ करते हुए श्री निंबालकर ने कहा कि दोनों नेता पार्टी कार्यकर्ताओं और जनता के साथ लगातार जुड़े रहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भले ही उद्धव ठाकरे की सेहत की वजह से लोगों से उनका मिलना-जुलना सीमित हो सकता है, लेकिन आदित्य ठाकरे को पार्टी संगठन को मज़बूत करने में ज़्यादा सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए थी।
इस बीच, शिवसेना (यूबीटी) के विधायक कैलाश पाटिल ने कहा कि वे अभी तक निंबालकर से संपर्क नहीं कर पाए हैं। पाटिल ने बताया कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, ज़िला प्रमुखों और संपर्क प्रमुखों को मुंबई में एक बैठक के लिए बुलाया गया है, जहाँ पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे के मार्गदर्शन में भविष्य की रणनीति तय की जाएगी।
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