मुंबई , अक्टूबर 23 -- महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने पांच से 17 अक्टूबर के बीच सात मंडलों में 937 निरीक्षण किए। शुक्रवार को जारी एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, विभिन्न नियमों के उल्लंघन के मामले में 29 लाइसेंस रद्द किए गए और 71 अन्य लाइसेंस निलंबित किए गए।
कुल निरीक्षणों में से 105 निरीक्षण दवा, कॉस्मेटिक एवं चिकित्सा उपकरण निर्माताओं, रक्त केन्द्रों, रक्त भंडारण केंद्रों और दवा परीक्षण प्रयोगशालाओं में किए गए, जबकि 832 निरीक्षण उन प्रतिष्ठानों में किए गए जिनके पास दवा बिक्री के लाइसेंस थे।
गंभीर कमियों के कारण, एफडीए ने उत्पादन और रक्त केन्द्र श्रेणियों में सात लाइसेंस रद्द किए और 22 को निलंबित कर दिया। दवा विक्रेताओं के मामले में औषधि और प्रसाधन सामग्री अधिनियम एवं नियम के उल्लंघन के लिए 22 लाइसेंस रद्द किए गए और 49 को निलंबित कर दिया गया। इस अभियान के दौरान कुल 450 नोटिस जारी किए गए।
इस दौरान, मुंबई, छत्रपति संभाजीनगर और नागपुर स्थित एफडीए की प्रयोगशालाओं में दवाओं के 279 नमूनों की जांच की गई। इनमें से 258 नमूने तय गुणवत्ता मानकों पर खरे उतरे जबकि 21 नमूने फेल हो गए। फेल होने वाले नमूनों में 18 'मानक गुणवत्ता के नहीं' की श्रेणी में आए जबकि दो 'गलत तरीके से ब्रांडेड' पाए गए और एक 'नकली' था। पांच मामलों में दवाओंको वापस मंगाने की प्रक्रिया शुरू की गई।
इस प्रवर्तन अभियान के अंतर्गत, दवाओं और अन्य उत्पादों की बिना लाइसेंस बिक्री एवं निर्माण से जुड़े पांच मामले दर्ज किए गए। विज्ञप्ति के अनुसार, 28.52 लाख रुपये मूल्य का सामान और सामग्री जब्त की गई।
जालना में, 'नवजीवन मेडिकल एंड जनरल स्टोर्स' अपना लाइसेंस वापस करने के बावजूद बिना लाइसेंस वाली जगह से कारोबार करता पाया गया, जिसके कारण उसका 58,772 रुपये मूल्य का स्टॉक जब्त किया गया।
नागपुर में, एफडीए ने फीनिक्स मेडिकॉर्प से 22,03,744 रुपये मूल्य का स्टॉक जब्त किया। आरोप है कि कंपनी ने अपना लाइसेंस वापस करने के बाद भी बिना लाइसेंस वाली जगह से अपना कामकाज जारी रखा था।
पुणे जिले के बारामती में बिना लाइसेंस के साबुन बनाने के लिए 'वेदास हर्बल्स महिला गृह उद्योग' से 4,05,678 रुपये का स्टॉक जब्त किया गया। पालघर जिले के वसई में बिना लाइसेंस के नेल पॉलिश बनाने के लिए 'जी बी कॉस्मेटिक्स' से 1,83,918 रुपये मूल्य का सामान और मशीनरी जब्त की गई।
छत्रपति संभाजीनगर में, 'नाइट्राजेपाम' (एक साइकोट्रोपिक दवा) की 34 गोलियां अवैध रूप से बेचने के आरोप में दो लोगों के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम और औषधि और प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित