मुंबई , जुलाई 31 -- महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने इस वर्ष जून और जुलाई में राज्य भर में मारे गये 88 छापों के दौरान 9.50 करोड़ रुपये की अवैध दवाएं, सौंदर्य प्रसाधन, चिकित्सा उपकरण और अन्य उत्पाद जब्त एवं प्रतिबंधित किये।

आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, एफडीए ने नकली दवाओं, बिना लाइसेंस वाले निर्माण, एनडीपीएस उल्लंघनों, भ्रामक सौंदर्य प्रसाधनों और भ्रामक विज्ञापनों के खिलाफ राज्यव्यापी कार्रवाई के दौरान 20 प्राथमिकी दर्ज कीं और 10 लोगों को गिरफ्तार किया।इस कार्रवाई में कुल 5.69 करोड़ रुपये की दवाएं और अन्य सामान जब्त किये गये, जबकि 3.81 करोड़ रुपये के स्टॉक की बिक्री और वितरण पर रोक लगा दी गयी। सबसे अधिक कार्रवाई औषधि और चमत्कारिक उपचार (आक्षेपणीय विज्ञापन) अधिनियम, 1954 के तहत की गयी।

एफडीए ने 31 छापे मारे और मुख्य रूप से आयुर्वेदिक निर्माताओं से जुड़े भ्रामक दावों के लिए 55.57 लाख रुपये के उत्पाद जब्त किये।

अधिकारियों ने बिना लाइसेंस दवाओं के निर्माण और बिक्री से जुड़े 27 मामलों में नागपुर, मुंबई, ठाणे, पुणे, कोल्हापुर, सोलापुर और अन्य स्थानों से 2.41 करोड़ रुपये के उत्पाद जब्त किये। जब्त की गयी सामग्रियों में ट्रामाडोल कैप्सूल, गर्भपात की दवाएं, नकली सौंदर्य प्रसाधन और हैंड सैनिटाइज़र शामिल थे।

इन मामलों में आठ प्राथमिकी दर्ज की गयी और चार लोगों को गिरफ्तार किया गया। चिकित्सा उपकरण नियम, 2017 के तहत मुंबई, भिवंडी और वाड़ा में चार छापों में 83.74 लाख रुपये का सामान जब्त किया गया और 1.36 करोड़ रुपये के स्टॉक पर रोक लगा दी गयी।

एफडीए ने गंभीर उल्लंघनों के लिए मुंबई में माया ब्लड सेंटर और सर जे.जे. महानगर ब्लड सेंटर, तथा पुणे में आर.जी. घोलप मेमोरियल ब्लड सेंटर के लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द कर दिये। भ्रामक और बिना लाइसेंस वाले सौंदर्य प्रसाधनों के खिलाफ 10 छापों में सातारा, मुंबई, नासिक, बीड और छत्रपति संभाजीनगर से 49.30 लाख रुपये के उत्पाद जब्त किये गये।

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